पंजाब की सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में आशीर्वाद योजना के तहत कुल ₹31.78 करोड़ की राशि जारी की गई है। इस सहायता से 6,231 अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को सीधे वित्तीय मदद मिली है, जिससे राज्य भर के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिली है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आशीर्वाद योजना विशेष रूप से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के समय वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
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लाभार्थियों का जिला-वार विवरण
मंत्री ने जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में आशीर्वाद पोर्टल पर कुल 6,231 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, पटियाला, एसबीएस नगर, संगरूर और तरनतारन जिले शामिल हैं।
लाभार्थियों की संख्या जिला-वार इस प्रकार है:
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फरीदकोट: 155
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फिरोजपुर: 242
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श्री फतेहगढ़ साहिब: 124
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फाजिल्का: 1,647
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गुरदासपुर: 226
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जालंधर: 70
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कपूरथला: 615
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लुधियाना: 2,498
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पटियाला: 178
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एसबीएस नगर: 152
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संगरूर: 117
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तरनतारन: 207
योजना की मुख्य विशेषताएं
आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। लाभ पाने के लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना, बीपीएल परिवार से संबंधित होना, और सभी स्रोतों से वार्षिक पारिवारिक आय ₹32,790 से कम होना आवश्यक है। योजना के तहत प्रत्येक परिवार की दो बेटियां लाभ पाने की पात्र हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सभी वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है, ताकि पारदर्शिता और समय पर वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
मान सरकार का उद्देश्य
मंत्री ने दोहराया कि मान सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में एकीकृत कर गरिमापूर्ण और बेहतर जीवन प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।