उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के दिवाली के दीयों पर खर्च को लेकर बयान पर तीखा पलटवार किया। 26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान होने वाले बयान पर बीजेपी-सपा में राजनीति तेज।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में भगवान राम के राज्याभिषेक समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के दिवाली में दीयों और मोमबत्तियों पर खर्च करने के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी आस्था का मजाक उड़ाया और अयोध्या की सड़कों को राम भक्तों के खून से रंगा, वे अब 26 लाख से अधिक दीपों की रोशनी से परेशान हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदाय द्वारा बनाए गए दीपकों को न केवल भक्ति का प्रतीक बताया, बल्कि यह भी कहा कि ये दीपक लोगों की आजीविका का जरिया भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम-द्वेषी इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
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इससे पहले, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिवाली पर दीयों और मोमबत्तियों की भारी लागत को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि क्रिसमस की तरह दिवाली पर भी शहरों को खूबसूरती से सजाना चाहिए, लेकिन दीयों पर इतना खर्च क्यों किया जाए। यादव ने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की थी।
अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने तीखी निंदा की और इसे हिंदू परंपराओं और संस्कृति का अपमान बताया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पूरे देश में दिवाली का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, ऐसे में यादव का बयान निंदनीय है।
बिहार चुनाव के करीब आने के साथ ही यह विवाद और भी गरमाने की संभावना है, जहां बीजेपी और सपा के बीच यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है।