हरियाणा के CM Nayab ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
CM Nayab ने निर्देश दिया कि महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर वीटा बूथ आवंटित किए जाने चाहिए ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, महिला सशक्तिकरण बन सकें। उन्होंने कहा कि इन बूथों के लिए जल्द ही स्थानों की पहचान की जानी चाहिए और उनमें महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तक आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसी तरह, महिला पीएसीएस (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) के गठन और संचालन की प्रक्रिया को भी तेज किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया जा सके और आर्थिक गतिविधियों में भागीदार बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने आज चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय में सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सहकारी बैंकों को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाओं से लैस होना चाहिए ताकि किसानों और उपभोक्ताओं को पारदर्शी, प्रभावी और समय पर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा किसानों को दिए जाने वाले भुगतान और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के तहत सब्सिडी राशि को सहकारी बैंकों के माध्यम से सीधे जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नए पीएसीएस के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों के माध्यम से किसानों को कम किराए पर गन्ना कटाई की मशीनें उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे गन्ना उत्पादकों के लिए श्रम और लागत दोनों में कमी आएगी और उत्पादन बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य में जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। इन केंद्रों के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के पास स्थानों की पहचान की जानी चाहिए ताकि आम जनता को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं आसानी से मिल सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री एस. श्री अरुण कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग विजयेंद्र कुमार, रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, एस. राजेश जोगपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।