हरियाणा के आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद उनकी पत्नी और आईएएस अमनीत पी कुमार ने सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर गंभीर शिकायत की है। अमनीत ने कहा कि कुछ लोग उनके पति को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं और परिवार को सुरक्षा की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया है।
सुसाइड नोट में शामिल 14 अधिकारियों पर केस दर्ज
चंडीगढ़ पुलिस ने पूरन कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 14 अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। सुसाइड नोट में मानसिक उत्पीड़न, अपमान और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं।
पत्नी ने दी दो पन्नों की शिकायत
आईएएस अमनीत ने मुख्यमंत्री को एक दो पन्नों की शिकायत सौंपी है, जिसमें आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने, गिरफ्तार करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई है। अमनीत ने आशंका जताई है कि शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों द्वारा उनके और परिवार के खिलाफ साजिश रची जा सकती है।
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सीएम नायब सिंह सैनी ने परिवार से की मुलाकात
जापान दौरे से लौटकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सीधे अमनीत पी कुमार के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने मामले की पूरी जानकारी ली और परिवार को सुरक्षा तथा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। दोनों के बीच करीब सवा घंटे तक बातचीत हुई।
पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच
परिवार ने अब पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी है। पीजीआई के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। इससे पहले सरकार की ओर से सेक्टर-32 के मेडिकल बोर्ड की नियुक्ति हुई थी, लेकिन परिवार इससे असहमत था।
अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सात दिन के भीतर इस मामले की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और अपनी जांच भी करेगा।