CM Rekha Gupta : दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में बिजली सब्सिडी योजना को जारी रखने और नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति पर विचार किया जाएगा। जिन परिवारों की बिजली खपत 200 यूनिट से कम है, उन्हें मुफ्त बिजली मिलती रहेगी, जबकि 201 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को 50% सब्सिडी मिलती रहेगी।
दिल्ली कैबिनेट की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें बिजली सब्सिडी योजना को लेकर अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इससे पहले गुरुवार को कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना को जारी रखने की स्वीकृति दी थी, जो अभी तक 31 मार्च तक सीमित थी। मंगलवार की बैठक में इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा। योजना के तहत 200 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को पूरी तरह मुफ्त बिजली मिलती है, जबकि 201 से 400 यूनिट तक खपत करने वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।
कैबिनेट की बैठक में दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति पर भी चर्चा होगी। प्रस्तावित ईवी पॉलिसी में कई अहम बिंदुओं पर विचार किया जाएगा:
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सीएनजी ऑटो रिक्शा (L5N): 15 अगस्त 2025 से नए सीएनजी ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। इस तारीख के बाद जारी सभी परमिट केवल इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए होंगे।
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पुराने वाहन: 10 साल से अधिक पुराने सीएनजी ऑटो को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वर्जन में बदला जाएगा।
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दो-पहिया वाहन: 15 अगस्त 2026 से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद किया जाएगा।
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तीन-पहिया मालवाहक वाहन (LSN): 15 अगस्त 2025 से डीजल, पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले तीन-पहिया माल वाहनों का पंजीकरण बंद होगा।
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चार-पहिया मालवाहक वाहन (N1): सभी कचरा उठाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ई-वाहनों में बदला जाएगा, और 31 दिसंबर 2027 तक 100% इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
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सिटी बसें:
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2027 तक दिल्ली में सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
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अब केवल इलेक्ट्रिक या वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली बसों की खरीद होगी।
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सभी 70 बस डिपो का विद्युतीकरण किया जाएगा।
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ई-बसों की चार्जिंग के लिए 2026 तक दिन में 50% और रात में 25% बिजली नवीकरणीय स्रोतों से ली जाएगी।
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सभी डिपो और कार्यालयों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
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चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर आपस में साझा किया जा सकेगा।
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महिलाओं को प्रोत्साहन:
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दिल्ली की महिला निवासियों को ई-दोपहिया वाहन खरीदने पर ₹10,000 प्रति kWh की सब्सिडी दी जाएगी, अधिकतम ₹30,000 तक।
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यह लाभ शुरुआती 10,000 महिलाओं को मिलेगा।
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स्कूल बसों के लिए योजना:
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हर ई-स्कूल बस पर ₹15,000/kWh की सब्सिडी, अधिकतम ₹15 लाख तक।
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प्रत्येक स्कूल अधिकतम दो बसों के लिए यह प्रोत्साहन ले सकेगा।
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योजना की शुरुआत पहले 50 ई-स्कूल बसों के लिए होगी।
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रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट:
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सभी ई-वाहनों पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी।
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ईवी मालवाहनों को विशेष अनुमति:
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इलेक्ट्रिक मालवाहनों को कुछ चिन्हित सड़कों पर चलने और पार्किंग की मनाही से छूट दी जाएगी।
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चार्जिंग की टाइमिंग:
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ई-बसों की चार्जिंग को “नॉन-पीक” समय में करने के लिए प्लान किया जाएगा, जिससे बिजली की लागत कम हो।
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अब नजरें इस पर टिकी हैं कि इनमें से किन प्रस्तावों पर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलती है।