सर्दियों में ब्रोंकियल अस्थमा बढ़ने के कारण, लक्षण और राहत पाने के आसान घरेलू उपाय जानें।
सर्दियों के मौसम में कई बीमारियां बढ़ जाती हैं, जिनमें ब्रोंकियल अस्थमा भी शामिल है। अस्थमा एक क्रॉनिक (दीर्घकालीन) सांस की बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की नलियां लगातार सूज जाती हैं। ठंड, धूल, प्रदूषण और वायरल इंफेक्शन इस स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को 5 जनवरी को सांस लेने में परेशानी के कारण दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और उपचार अच्छा असर दे रहा है।
सर्दियों में अस्थमा की परेशानी क्यों बढ़ती है?
सर्दियों में ठंडी और शुष्क हवा सीधे सांस की नलियों को प्रभावित करती है, जिससे वे सिकुड़ जाती हैं। साथ ही, इस समय हवा में प्रदूषण और पीएम2.5/पीएम10 कण बढ़ जाते हैं, जो अस्थमा की सूजन को और बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, फ्लू, जुकाम और अन्य वायरल इंफेक्शन भी अधिक फैलते हैं। लोग अधिकतर समय घर के अंदर रहते हैं, जहां धूल, फफूंद और पालतू जानवरों के बाल अस्थमा ट्रिगर कर सकते हैं।
ब्रोंकियल अस्थमा के मुख्य लक्षण
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बार-बार घरघराहट
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सांस फूलना
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सीने में जकड़न
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सुबह या रात में खांसी
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फेफड़ों में हवा का सही तरीके से आना-जाना न होना
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दुनिया भर में अस्थमा का प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 26 करोड़ लोग अस्थमा से प्रभावित हैं और हर साल लगभग 4.5 लाख मौतें होती हैं। इनमें से कई मामलों में सही समय पर इलाज और सावधानी से गंभीर परिणाम टाले जा सकते हैं।
सर्दियों में बचाव के आसान उपाय
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डॉक्टर द्वारा बताई गई नियमित दवाएं और इनहेलर का इस्तेमाल बंद न करें।
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बाहर निकलते समय नाक और मुंह ढकें।
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प्रदूषण अधिक होने पर बाहर जाने से बचें।
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फ्लू और अन्य वायरल इंफेक्शन से बचाव के लिए टीकाकरण कराएं।
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घर को साफ, धूल-मुक्त और हवादार रखें।
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लक्षण बढ़ते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।