हरियाणा सरकार ने आगामी छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए व्यापक उपायों की शुरुआत की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, तथा नदी तटों की सफाई के कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने यमुना कैचमेंट एरिया में स्थित सभी सीवरेज और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही, सभी कार्यकारी अभियंताओं को 28 अक्टूबर तक संयंत्रों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी तकनीकी खराबी होने पर तुरंत सुधार किया जा सके।
also read: ASI आत्महत्या मामला: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने संभाली…
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फ्लाइंग स्क्वॉड गठित कर आकस्मिक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, शहरी स्थानीय निकायों, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को यमुना में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उनके संचालन पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया गया है।
छठ पूजा के दौरान नदी घाटों की सफाई और सुगम पहुंच के लिए नगर निगमों को अतिरिक्त जनशक्ति और मशीनरी तैनात करने का निर्देश दिया गया है। अगले 15 दिनों तक पुलिस, नगर निगम और विभिन्न विभाग संयुक्त रूप से यमुना में अवैध रूप से अपशिष्ट डालने पर निगरानी रखेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि यमुना की सफाई के तहत 107 एमएलडी क्षमता की नई एसटीपी परियोजनाएं मार्च 2027 तक पूरी होंगी, और 158 एमएलडी क्षमता वाली छह सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। साथ ही, 364 पुलों पर सुरक्षा बाड़ और 79 घाटों के उन्नयन का कार्य भी तेज गति से किया जा रहा है।


