उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले – संपूर्ण विश्व समझ रहा है सनातन धर्म और संस्कृति का महत्व, दून विश्वविद्यालय में केंद्र की स्थापना, मेधावी छात्रों का सम्मान।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के महत्व को समझ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदी स्टडीज की स्थापना की है। इस केंद्र में हिंदू संस्कृति, धर्म और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शिक्षण और शोध कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश में सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में प्रेरणा स्रोत हैं। यह क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है कि योगी जी ने इसी क्षेत्र में अपना बचपन बिताया, प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ का जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की मिसाल है। उनके कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है, और प्रदेश की छवि को नई पहचान मिली है।
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शिक्षा और संस्कार का महत्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। सनातन संस्कृति में शिक्षा को जीवन निर्माण का आधार माना गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड सरकार ने पिछले चार वर्षों में 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर प्रदान किए हैं।
सीएम ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में बड़े सपने देखें और उन्हें हासिल करने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ मेहनत करें। जिस स्कूल और क्षेत्र में योगी आदित्यनाथ जैसे महान व्यक्तित्व ने शिक्षा प्राप्त की, वहां के प्रत्येक छात्र-छात्रा में असाधारण बनने की क्षमता है।
मेधावी छात्रों का सम्मान
कार्यक्रम में सीएम धामी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। सम्मानित छात्रों में कक्षा 6 के नमन रावत, कक्षा 7 के हर्ष चौहान, कक्षा 8 की आरती चौहान, कक्षा 9 के सचिन बडोला, कक्षा 10 की दीपाली, कक्षा 11 के अभिषेक बडोला और कक्षा 12 की पल्लवी शामिल हैं।
इस पहल से छात्रों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे संस्कारवान, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
