कोटा (राजस्थान) में दशहरा मेले के दौरान 233 फुट ऊंचे रावण के दहन से नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया। यह भव्य आयोजन 2 अक्टूबर को 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के अवसर पर हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति रही। इससे पहले दिल्ली में 2024 में 210 फुट ऊंचे रावण का रिकॉर्ड था, जिसे अब कोटा ने तोड़ दिया है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतले भी जलाए गए। कोटा दशहरा मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान कोटा के पूर्व राजपरिवार के मुखिया इज्यराज सिंह ने भगवान लक्ष्मीनारायण की शोभायात्रा का नेतृत्व किया और तीर छोड़कर रावण का दहन आरंभ किया। हजारों दर्शक इस भव्य आयोजन का आनंद लेने दशहरा मैदान में जुटे।
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233 फुट ऊंचे रावण सहित कुंभकर्ण और मेघनाथ के 60-60 फुट ऊंचे पुतले अंबाला के कारीगर तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम ने चार महीने की मेहनत से तैयार किए। इस प्रक्रिया में संरचना, डिजाइन और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया। यह पहल न केवल कला और मेहनत का परिचायक है, बल्कि भारतीय लोक परंपराओं की जीवंतता भी दर्शाती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दशहरे के अवसर पर कहा कि यह पर्व अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है और कोटा दशहरा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रामलीला और रावण दहन को सत्य और अहंकार के अंत का संदेश बताया। उन्होंने प्रार्थना की कि यह आयोजन पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बने और भारत विकास की राह पर और आगे बढ़े।