उत्तर प्रदेश केCM Yogi ने गोरखपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1,200 जोड़ों के विवाह समारोह में भाग लिया। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद और उपहार प्रदान किए।
CM Yogi ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के लोककल्याणकारी विजन और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह दहेज, बाल विवाह, बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर चोट करती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बेटियों की शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू की, जिसके तहत अब तक करीब 24 लाख बालिकाओं को जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के विभिन्न चरणों में ₹25,000 की सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब बेटी विवाह योग्य होती है तो सरकार की सामूहिक विवाह योजना के जरिए विवाह की जिम्मेदारी सरकार उठाती है। पहले जहां विवाह हेतु सिर्फ ₹20,000 मिलते थे, आज योजना के तहत ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है, जिसमें कपड़े, घरेलू सामान, जेवर और बेटी के खाते में ₹60,000 शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह योजना जाति, मजहब, भाषा जैसे किसी भी भेदभाव से ऊपर है और प्रशासन सभी रजिस्ट्रेशन के आधार पर विवाह की व्यवस्था करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के 11 वर्षों के नेतृत्व में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया, जैसे:
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4 करोड़ गरीबों को आवास
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10 करोड़ को मुफ्त गैस कनेक्शन
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12 करोड़ को शौचालय
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45 करोड़ जनधन खाते
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50 करोड़ को आयुष्मान भारत योजना का लाभ
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80 करोड़ को मुफ्त राशन
उन्होंने स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को घर के मालिकाना हक दिए जाने और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को बिना ब्याज के ऋण की सुविधा का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना ही असली राष्ट्रनिर्माण है। सामूहिक विवाह योजना इसी सोच का प्रतीक है।
समारोह में गोरखपुर के महापौर, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे।