हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा तेज दिमाग वाला हो और उसकी याददाश्त और एकाग्रता शानदार हो। अक्सर माता-पिता यह सवाल करते हैं कि क्या कुछ खास चीजें खाकर बच्चों का दिमाग तेज किया जा सकता है। इस लेख में हम जानते हैं कि कौन सी चीजें बच्चों के दिमागी विकास के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
बच्चों के दिमागी विकास के लिए सुपरफूड्स: दिमागी ताकत बढ़ाने वाले पोषक तत्व
बच्चों का मस्तिष्क उनके शुरुआती वर्षों में तेजी से विकसित होता है और इस दौरान उन्हें विशेष पोषक तत्वों की जरूरत होती है। कुछ खास खाद्य पदार्थों में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सिडेंट्स, कोलीन और प्रोबायोटिक्स जैसे तत्व होते हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को बनाने, नसों के संचार और याददाश्त को बढ़ाने में मदद करते हैं। इन चार सुपरफूड्स को बच्चों के आहार में शामिल करके आप उनके न्यूरो-डेवलपमेंट को बेहतर बना सकते हैं।
1. अंडे: दिमागी विकास के लिए सुपरफूड
अंडे को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इनमें प्रोटीन और कोलीन की भरपूर मात्रा होती है। कोलीन मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर, जैसे एसिटाइलकोलाइन के निर्माण में मदद करता है, जो याददाश्त और एकाग्रता के लिए महत्वपूर्ण है।
रोज़ाना बच्चों को एक अंडा खिलाने से उनका दिमाग तेज होता है और सूचनाओं को समझने की क्षमता बढ़ती है, जिससे वे स्कूल में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। अगर आप शाकाहारी हैं तो आप अंडे की जगह कद्दू के बीज, अलसी के बीज या चिया सीड्स दे सकते हैं।
also read: गन्ने का गुड़ और ताड़ के गुड़ में से कौन सा है आपके लिए…
2. हरी पत्तेदार सब्जियां: दिमाग के लिए फायदेमंद
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और केल न केवल शरीर के लिए, बल्कि दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद होती हैं। ये सब्जियां विटामिन K, फोलेट और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को तनाव और क्षति से बचाती हैं।
फोलेट नई मस्तिष्क कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। अगर आपके बच्चे को हरी सब्जियां पसंद नहीं हैं, तो आप इन्हें स्मूदी या पराठे में डालकर उन्हें खिला सकते हैं।
3. दही: पेट और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (अच्छे बैक्टीरिया) आंतों के स्वास्थ्य से सीधे मस्तिष्क के स्वास्थ्य को जोड़ते हैं, जिसे ‘गट-ब्रेन एक्सिस’ कहा जाता है। एक स्वस्थ आंत बच्चों के मूड, तनाव प्रबंधन और संज्ञानात्मक विकास को बेहतर बनाती है। दही में प्रोटीन और विटामिन D भी होता है, जो दिमागी विकास के लिए जरूरी हैं।
बच्चों को मीठी दही की बजाय छाछ या सादी दही फलों के साथ खिलाना अधिक फायदेमंद होता है। यदि बच्चा लैक्टोज इंटॉलरेंट है, तो दही की बजाय अन्य पौष्टिक विकल्प दे सकते हैं।
4. नट्स: दिमागी विकास में सहायक
बादाम और अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड, हेल्दी फैट और विटामिन E के बेहतरीन स्रोत होते हैं। ओमेगा-3 दिमागी कोशिकाओं के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन E याददाश्त को बेहतर बनाता है।
रोज़ सुबह भीगे हुए बादाम और अखरोट बच्चों को खिलाने से उनका दिमागी विकास तेजी से होता है और यह उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता को भी बेहतर बनाता है।
दिमागी विकास के लिए और टिप्स:
-
संतुलित आहार: बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देना सुनिश्चित करें।
-
आउटडोर एक्टिविटीज: बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें। शारीरिक गतिविधियां मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा देती हैं।
-
स्क्रीन टाइम की सीमा: बच्चों का स्क्रीन टाइम दिन में 1 घंटे से अधिक न हो, ताकि उनका दिमाग ज्यादा सक्रिय रहे।
-
सकारात्मक संबंध: अपने बच्चे के साथ एक हेल्दी और सकारात्मक रिश्ता बनाए रखें, जिससे वह आपसे अपनी परेशानियां और विचार शेयर कर सके।
इन सभी पोषक तत्वों को बच्चों के आहार में शामिल करके आप उनके दिमागी विकास में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही एक सक्रिय जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियां उनकी पढ़ाई और जीवन में सफलता को बढ़ावा देती हैं।