CM Yogi Yogi Adityanath ने अपने आवास पर ‘इन्वेस्ट यूपी’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य में उद्योगों के विकास को गति देने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति का सुझाव दिया और कहा कि ‘इन्वेस्ट यूपी’ को एक आदर्श निवेश प्रोत्साहन और सुविधा एजेंसी के रूप में काम करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि हर सेक्टर में अनुभवी विशेषज्ञ हों, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों से संवाद कर सकें।
CM Yogi Yogi Adityanath ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र को अपनाते हुए उत्तर प्रदेश बीते 8 वर्षों में देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। इस सकारात्मक वातावरण को और बेहतर बनाना होगा।
हालांकि ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम पहले से मौजूद है, लेकिन कई मामलों में निवेशकों को मंजूरी के लिए विभिन्न विभागों के पास जाना पड़ता है। उन्होंने इस व्यवस्था को पूरी तरह ‘सिंगल विंडो’ बनाने की बात कही, ताकि निवेशकों को बार-बार विभागों के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि यदि तय समय में आवेदन का निस्तारण नहीं हो, तो उसे ‘डीम्ड अप्रूवल’ मान लिया जाए।
उन्होंने ‘निवेश मित्र’ प्लेटफॉर्म की पुनर्संरचना की बात कही, ताकि तकनीक के जरिए सभी विभागों को जोड़ा जा सके और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही ‘इन्वेस्ट यूपी’ के अंतर्गत एक “चेज़िंग सेल” बनाने का निर्देश दिया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए जाएं। यह सेल संभावित सेक्टरों की पहचान कर निवेशकों से संवाद बनाए।
CM Yogi Yogi Adityanath ने कहा कि हर निवेशक हमारे लिए महत्वपूर्ण है, उनकी सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने ‘निवेश सारथी पोर्टल’ को और प्रभावी बनाने की बात कही। साथ ही विदेशों में भारत सरकार के दूतावासों से समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक पहुंच बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
CM Yogi Yogi Adityanath ने यह भी निर्देश दिए कि बदलते वैश्विक औद्योगिक परिवेश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के लिए नए क्षेत्रों में निवेश नीति तैयार की जाए, जैसे- ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, फिनटेक, बायोटेक, लेदर और सर्विस सेक्टर। साथ ही औद्योगिक भूमि की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लैंडबैंक का विस्तार और भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी बल दिया।