बनभूलपुरा में फर्जी दस्तावेज मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी सख्त जांच के आदेश, सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने और पहचान प्रणाली मजबूत करने की तैयारी की।
बनभूलपुरा इलाके में फर्जी पहचान आधारित दस्तावेज तैयार किए जाने का मामला सामने आया है, जिसने राज्य सरकार और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि फर्जी दस्तावेज केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया है। फर्जी स्थाई, जाति और निवास प्रमाणपत्र तैयार होने की आशंका ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि फर्जी दस्तावेज बनाने वाले और उनके गिरोह को पकड़कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार की कार्रवाई और योजना
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फर्जी दस्तावेजों की तहसील और जिला स्तर पर पुन: जांच अभियान।
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विभिन्न विभागों के बीच डेटा मिलान प्रणाली को मजबूत करना।
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संवेदनशील इलाकों में विशेष सत्यापन तंत्र लागू करना।
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डिजिटल रिकॉर्ड और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग को और अधिक सुरक्षित बनाना।
नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी के अनुसार, पुलिस संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर रहने वाले लोगों का सत्यापन कर रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी पूरे प्रदेश में विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जो फर्जीवाड़े को रोकने और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
बनभूलपुरा मामला राज्य की पहचान और दस्तावेज प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर करता है। सरकार का कहना है कि यह अभियान फर्जी दस्तावेजों पर निर्णायक प्रहार करेगा और प्रमाणपत्र व्यवस्था को सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाएगा।