CM Yogi ने आज अलीगढ़ जिले में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक बैठक की और विकास कार्यों की समीक्षा की और आगामी विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस संवाद कार्यक्रम ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार और समाज के बीच संवाद की एक नई संस्कृति की शुरुआत की, जो उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में जन प्रतिनिधियों की मजबूत भागीदारी को स्थापित करती है।
CM Yogi ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं की निरंतर निगरानी, समयबद्धता, गुणवत्ता और सार्वजनिक भागीदारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं। जनप्रतिनिधियों के सभी सुझावों पर समय पर, समन्वित और पारदर्शी कार्रवाई की जानी चाहिए। विकास परियोजनाओं का शिलान्यास 15 सितंबर के बाद जनप्रतिनिधियों के करों के साथ किया जाना चाहिए और निर्माण स्थल की 2 पट्टिकाओं पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित किए जाने चाहिए। कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
CM Yogi ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोगों की जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए और पारदर्शी तरीके से जनहित में उपलब्ध धन का उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। छोटे-छोटे कार्यों को विधायक निधि, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत निधि से पूरा किया जाना चाहिए।
CM Yogi ने कहा कि हर वार्ड में स्वच्छता समितियां सक्रिय होनी चाहिए। बेहतर पानी और स्वच्छता। धार्मिक और पौराणिक स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए और जोड़ने वाली सड़कें अच्छी स्थिति में होनी चाहिए। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत 1,000 से अधिक धार्मिक स्थलों पर सार्वजनिक सुविधाओं का सौंदर्यीकरण और विकास किया है।
CM Yogi ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पर्यटन स्थल का चयन करना और वहां बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कार्य योजना बनाना आवश्यक है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह, स्वतंत्रता सेनानियों और संत-परम्परा की पवित्र भूमि पर विकास योजनाएं केवल बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि क्षेत्रीय पहचान और सांस्कृतिक चेतना का माध्यम भी बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है, केवल समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन की आवश्यकता है।
CM Yogi ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों, ओवरब्रिज, धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाली सड़कों और शहीद गांवों तक जाने वाली सड़कों से संबंधित सभी प्रस्तावों पर प्राथमिकता के अनुसार काम शुरू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों को 4 लेन और ब्लॉक मुख्यालयों को 2 लेन से जोड़ने का काम भी तेजी से पूरा किया जाए।
3. CM Yogi ने शहरी विकास विभाग को निर्देश दिया कि प्रत्येक परियोजना के प्रस्ताव से पहले संबंधित विधायक या लोक प्रतिनिधि से परामर्श किया जाना चाहिए, ताकि परियोजनाएं क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप हो सकें और जनहित बन सकें।
विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक कार्य निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और जन-केंद्रित होना चाहिए।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
बैठक में जन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी को लोगों की जरूरतों से संबंधित कार्यों से अवगत कराया। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अजय चौहान ने मुख्यमंत्री को बताया कि अलीगढ़ मंडल के अंतर्गत आने वाले अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस जिलों की 17 विधानसभाओं के जनप्रतिनिधियों द्वारा 4,771 करोड़ रुपये के 1,248 विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें सड़कें, पुल, बाईपास, राज्य राजमार्ग, ऊपरी पुल, लापता लिंक, धार्मिक और पौराणिक स्थलों का विकास, ब्लॉक और जिला मुख्यालयों को जोड़ना शामिल हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य लोगों में बुनियादी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रमुख सचिव शहरी विकास अमृत अभिजात, प्रधान सचिव पर्यटन मुकेश कुमार मेशराम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।