उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के सैनिक स्कूल में सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उनके योगदान को याद किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण किया और उनके सम्मान में एक नए ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र के प्रति प्रेम और समर्पण का आह्वान करते हुए समाज में एकता और सामूहिकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
समाज को जोड़ने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें देश को बांटने वाली ताकतों से सावधान रहना होगा। उन्होंने देश को तोड़ने वाले जयचंद और मीर जाफर जैसे तत्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब ऐसे लोग सत्ता में आते हैं, तो वे केवल अपने परिवार और विदेशों में संपत्ति बनाने की सोचते हैं, जबकि देश की संपत्ति विदेशों में जाती है। इन तत्वों को पहचान कर हमें इनसे मुकाबला करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का 2047 का सपना
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 में भारत के शताब्दी वर्ष में एक आत्मनिर्भर, विकसित और सुरक्षित भारत बनाने के सपने का उल्लेख किया। उन्होंने नागरिकों से पंच प्रण लेने की अपील की, जिसमें अपनी विरासत पर गर्व करना, गुलामी की मानसिकता को छोड़ना, पुलिस और सेना का सम्मान करना और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना शामिल है।
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महापुरुषों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने हमारे महापुरुषों का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें विदेशी आक्रांता जैसे सिकंदर को महान नहीं मानना चाहिए, जबकि हमारे महान नेताओं जैसे महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और जनरल बिपिन रावत को सच्चा सम्मान देना चाहिए। ऐसे वीर जवानों का सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने अपनी जान देश की रक्षा के लिए दी।
समाज में एकता और राष्ट्र निर्माण
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश का विकास तब ही संभव है, जब समाज में एकता हो। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भारतीय होने पर गर्व महसूस करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो भारतीय होने पर गर्व महसूस नहीं करता, वह हमारे समाज का हिस्सा नहीं हो सकता।
नागरिक कर्तव्यों की जिम्मेदारी
सीएम योगी ने नागरिकों से कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की महानता तभी संभव है, जब लोग अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें और निभाएं। उन्होंने जनरल बिपिन रावत के संघर्ष और कर्तव्य की भावना का उदाहरण देते हुए कहा कि कार्य करते रहना ही हमारी प्रेरणा होनी चाहिए।
गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने की कहानी
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि 1990 में यह कारखाना बंद हो गया था, लेकिन 20 सालों के संघर्ष के बाद 2016 में इसे नई तकनीक के साथ फिर से चालू किया गया। इस परियोजना के तहत सैनिक स्कूल भी स्थापित किया गया था, जिसमें जनरल बिपिन रावत से चर्चा के बाद उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह स्कूल बनवाया गया था।
समारोह में विशेष अतिथि
इस कार्यक्रम में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर जनरल रावत की बेटी कृतिका और तारिणी रावत भी उपस्थित थीं। इस ऑडिटोरियम की क्षमता 1000 लोगों की है और यह जनरल बिपिन रावत की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए बनाया गया है।