गुजरात सरकार ने होमगार्ड जवानों की रिटायरमेंट आयु 58 वर्ष तक बढ़ाई, जिससे उन्हें तीन और सालों तक सेवा का अवसर मिलेगा और वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
गुजरात सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत होमगार्ड जवानों की रिटायरमेंट उम्र 55 वर्ष से बढ़ाकर 58 वर्ष कर दी गई है। डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि यह कदम राज्य में होमगार्ड बल की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए लिया गया है।
राज्य में पुलिस के सहायक के रूप में उत्कृष्ट कार्य
डिप्टी मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स बल की सराहना करते हुए कहा कि यह बल राज्य में पुलिस की मदद करने वाला एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। चुनाव सुरक्षा, यातायात ड्यूटी, रात्रि गश्त, वीआईपी सुरक्षा, और धार्मिक मेलों की सुरक्षा जैसे कार्यों में होमगार्ड जवानों का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान भी यह बल अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
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रिटायरमेंट आयु में वृद्धि से होमगार्ड्स को मिलेगा तीन और सालों तक सेवा का अवसर
गुजरात सरकार ने मुंबई होमगार्ड नियम, 1953 के नियम 9 में संशोधन करते हुए होमगार्ड जवानों की रिटायरमेंट आयु को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब वे 58 वर्ष तक सेवा कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपने कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निभाने का मौका मिलेगा। हर्ष संघवी ने कहा कि यह फैसला होमगार्ड्स के मनोबल को बढ़ाएगा और वे अगले तीन वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यों को अंजाम देंगे।
परिवारिक जिम्मेदारियां और सेवा का अवसर
होमगार्ड्स को पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी सामना करना पड़ता है। रिटायरमेंट आयु बढ़ने से वे अपने परिवार के लिए बेहतर स्थिति में होंगे और अपनी सेवाओं को अधिक समय तक जारी रख सकेंगे। इस निर्णय से उन्हें न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से सक्षम होने का अवसर मिलेगा, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में भी वे अहम योगदान दे सकेंगे।