दिल्ली विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर हो रही चर्चा के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। इस दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर दी।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार (7 जनवरी) को बताया कि मंगलवार (6 जनवरी) को सदन में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान जैसे पावन और ऐतिहासिक विषय पर चर्चा चल रही थी, जो देश और विशेष रूप से सिख समुदाय के लिए अत्यंत श्रद्धा का विषय है। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी के कथित व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
आतिशी पर अपशब्द कहने का आरोप
प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष ने न केवल इस चर्चा में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सदन की गरिमा और सदस्यों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों की आस्था और सम्मान से जुड़ा है।
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मंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और ऐसे महान बलिदानी का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
स्पीकर से की गई सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर मंत्री प्रवेश वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह, मंत्री कपिल मिश्रा और विधायक अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने यह भी बताया कि कथित आपत्तिजनक शब्दों की लिखित प्रति विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी गई है, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।
सियासत हुई तेज
इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर धार्मिक और ऐतिहासिक विषय पर हुई कथित टिप्पणी को लेकर आने वाले दिनों में और तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।