Blood Pressure : अगर हाइपरटेंशन या हाई बीपी को शुरूआती दौर में ही सही तरीके से कंट्रोल किया जाए तो इसे सफलतापूर्वक प्रबंधित किया जा सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन अक्सर इन्हें अनदेखा कर दिया जाता है, जिससे यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और जीवन के लिए खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर सकती है।
हाइपरटेंशन या हाई Blood Pressure आजकल एक आम समस्या बनता जा रहा है, जिसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। इसके कारण हार्ट अटैक, दिल का फेल होना और मस्तिष्क में रक्तस्राव जैसी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। हाइपरटेंशन ऐसी स्थिति है जो अक्सर निरंतर लापरवाही के चलते विकसित होती है।
हाई Blood Pressure के आम तौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, और इसके संकेत धीरे-धीरे सामने आते हैं। जब आपका दिल रक्त को पंप करता है, तब शरीर के सभी अंगों तक खून पहुंचता है। अगर ब्लड प्रेशर बढ़ जाए, तो यह शरीर के कई अंगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है और आपकी जान को भी जोखिम में डाल सकता है। इसके अलावा, बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर आपकी धमनियों को फटने का कारण भी बन सकता है। हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करना और आहार में सुधार करना जरूरी होता है।
Blood Pressure ,हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण तनाव है। इसके अलावा खराब जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान भी इसका कारण बनते हैं। नींद की कमी भी हाइपरटेंशन के लिए जिम्मेदार हो सकती है। शुरुआत में इसके कुछ हल्के लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज करना जरूरी होता है। यदि इस पर ध्यान न दिया जाए, तो बीमारी गंभीर हो सकती है और लापरवाही से यह स्थाई रूप ले लेती है, जिससे आपको उम्र भर दवाइयां लेनी पड़ सकती हैं। इसके साथ ही, यह स्थिति जीवन के लिए हमेशा खतरा बनकर रहती है।
हाइपरटेंशन के शुरुआती संकेत दिखते ही तुरंत इलाज शुरू कर देना चाहिए। समय पर इलाज से जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। कि शुरुआत में ही आहार में बदलाव करें, नमक का सेवन कम करें और फैटी खाने से बचें। साथ ही नियमित व्यायाम करें, यदि वजन ज्यादा है तो उसे कम करें। शराब और धूम्रपान से पूरी तरह बचें। एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और समय-समय पर अपनी जांच कराते रहें, जिससे हाइपरटेंशन का खतरा कम होगा।