अगर आप Dark Chocolate के शौकीन हैं लेकिन हाल ही में नींद से जुड़ी समस्याएं महसूस कर रहे हैं, तो अपनी आदतों पर गौर करना जरूरी है। मामूली डाइट बदलाव से आप बेहतर नींद पा सकते हैं। जानिए एक्सपर्ट्स की राय कि डार्क चॉकलेट आपकी नींद पर कैसे असर डालती है।
Dark Chocolate और नींद का संबंध क्या है?
Dark Chocolate का स्वाद और पोषक तत्व इसे एक हेल्दी ट्रीट बनाते हैं, लेकिन इसके कुछ तत्व आपकी नींद पर बुरा असर डाल सकते हैं। खासकर इसमें मौजूद कैफीन और थियोब्रोमिन जैसे कंपाउंड नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को प्रभावित करते हैं, जिससे नींद आने में देरी हो सकती है या नींद बार-बार टूट सकती है।
क्यों बिगड़ती है नींद?
Dark Chocolateमें कोको की मात्रा अधिक होती है और इसमें चीनी व दूध कम होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है। लेकिन साथ ही इसमें कैफीन और थियोब्रोमिन भी होता है, जो आपकी नींद में खलल डाल सकते हैं।
मेलाटोनिन पर कैफीन का प्रभाव:
कैफीन एक ऐसा तत्व है जो दिमाग को सतर्क बनाए रखता है। यह नींद के लिए जरूरी हार्मोन मेलाटोनिन की सक्रियता को कम कर देता है, जिससे नींद आने में समय लगता है।
थियोब्रोमिन का असर:
थियोब्रोमिन दिल की धड़कन को तेज करता है और शरीर को ‘अलर्ट मोड’ में डाल देता है। इसका असर कैफीन से ज्यादा देर तक रहता है, इसी कारण डार्क चॉकलेट खाने के काफी देर बाद भी नींद नहीं आती।
कब और कितना खाएं?
अगर आप Dark Chocolate के फायदे लेना चाहते हैं लेकिन नींद प्रभावित नहीं करना चाहते, तो इसे सुबह या दोपहर के समय खाना बेहतर है। रात के वक्त या सोने से पहले इसका सेवन न करें, खासकर अगर आपको अनिद्रा की शिकायत है।
सभी पर असर एक जैसा नहीं होता
हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। कुछ लोगों को थोड़ी सी डार्क चॉकलेट भी रातभर जगाए रखती है, जबकि कुछ पर इसका कोई असर नहीं होता। अगर आपको लगता है कि चॉकलेट खाने के बाद नींद में खलल होता है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपको इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।