High Protein Diet 2026: आजकल “हाई-प्रोटीन” डाइट हर जगह चर्चा में है। शेक, स्नैक बार, आटा, सीरियल – हर चीज़ प्रोटीन बढ़ाने का दावा करती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ज्यादा प्रोटीन सच में शरीर के लिए फायदेमंद है या यह सिर्फ एक ट्रेंड है।
प्रोटीन का महत्व
प्रोटीन शरीर के लिए आवश्यक न्यूट्रिएंट है। यह मांसपेशियों की मरम्मत करता है, हार्मोन और एंजाइम बनाने में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है। शरीर इसे अमीनो एसिड में तोड़ता है, जो कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में काम आता है।
एक्सपर्ट का सुझाव
एचओडी कल्पना गुप्ता के अनुसार, प्रोटीन की मात्रा व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक सक्रियता और मेटाबॉलिक स्थिति पर निर्भर करती है। ICMR की गाइडलाइन बताती है कि भारतीय आहार में प्रोटीन अक्सर कम होता है, इसलिए संतुलित मात्रा में प्रोटीन बढ़ाना जरूरी है। अच्छे सोर्स हैं: दूध, दही, पनीर, अंडा, दाल, चिकन। पौध-आधारित प्रोटीन जैसे दाल, बीन्स और सोया दिल के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे माने जाते हैं।
क्या अधिक प्रोटीन सुरक्षित है?
अत्यधिक प्रोटीन से चमत्कारी फायदे मिलने के ठोस प्रमाण सीमित हैं। ज्यादा प्रोटीन किडनी पर दबाव डाल सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से किडनी की समस्या है। साथ ही, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों की कमी से पाचन समस्याएं बढ़ सकती हैं।
संतुलित प्रोटीन लेने का तरीका
-
हर खाने में एक प्रोटीन सोर्स शामिल करें।
-
नाश्ते में दूध या अंडा, दोपहर या रात में दाल, दही या चिकन।
-
स्नैक्स में बिस्किट की जगह मेवे या भुना चना।
-
सामान्य व्यक्ति के लिए 0.8-1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन पर्याप्त माना जाता है।