आयकर अधिनियम 2025: सरकार ने आयकर कानून में बड़ा सुधार किया, नए ITR फॉर्म और नियम होंगे सरल, 1961 के पुराने अधिनियम को बदला जाएगा, जानें नया कानून कैसे आसान बनाएगा कर रिटर्न प्रक्रिया।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि आयकर विभाग जनवरी तक सरलीकृत आयकर अधिनियम, 2025 के तहत नए आईटीआर फॉर्म और नियमों को अधिसूचित कर देगा। यह नया अधिनियम अगले वित्त वर्ष (1 अप्रैल 2026 से) से लागू होगा और पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। इसका मुख्य उद्देश्य करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म और नियमों को सरल और आसान बनाना है, ताकि अनुपालन प्रक्रिया सुगम हो।
सीबीडीटी प्रमुख ने आईआईटीएफ में करदाताओं के ‘लाउंज’ का उद्घाटन करने के बाद बताया कि नए कानून के तहत सभी आईटीआर फॉर्म, टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म समेत अन्य प्रपत्रों पर पुनः काम किया जा रहा है। नया अधिनियम कर कानून को सरल बनाने के साथ भाषा को भी आसान बनाएगा, जिससे करदाताओं को समझने में आसानी होगी।
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नए आयकर अधिनियम, 2025 की मुख्य विशेषताएँ:
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1961 के कानून की 819 धाराओं को घटाकर 536 और 47 अध्यायों को घटाकर 23 किया गया।
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पुराने जटिल शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख की गई।
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नए कानून में 39 नई सारणियां और 40 नए सूत्र शामिल किए गए हैं।
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कोई नई कर दर नहीं लागू की जाएगी, केवल भाषा और प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
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अनावश्यक प्रावधान और पुरानी भाषा हटाकर कानून को स्पष्ट और समझने में आसान बनाया गया।
इस सुधार से करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न भरना और अनुपालन करना आसान होगा। सरकार का मकसद है कि नए अधिनियम से कर प्रणाली पारदर्शी और सरल हो।