पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य के युवाओं से तंबाकू के खिलाफ एक सशक्त अभियान चलाने और इसे जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित युवा सम्मेलन “प्रचार, अनुकूलन और नई पहलों के माध्यम से तंबाकू मुक्त पीढ़ी का निर्माण” में छात्रों और युवा नेताओं से आग्रह किया कि वे तंबाकू नियंत्रण की लहर को अपने परिसरों, समुदायों और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक फैलाएं। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब की सच्ची ताकत उसके युवाओं में निहित है और जब युवा तंबाकू का त्याग करते हैं, तो राज्य का भविष्य स्वस्थ और सशक्त बनता है।
इस सम्मेलन का आयोजन जनरेशन सेवियर एसोसिएशन (GSA) के सहयोग से किया गया, जिसमें पंजाब विश्वविद्यालय के जन स्वास्थ्य विभाग, वाइटल स्ट्रेटेजीज, एसआईपीएफईआर और आरसीटीसी-पीजीआईएमईआर ने भाग लिया। कार्यक्रम में छात्रों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन केवल स्वास्थ्य पर ही असर नहीं डालता, बल्कि यह मानसिक बीमारियों, आत्महत्या की प्रवृत्ति और अपराध जैसी सामाजिक समस्याओं को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, “हम सबको इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने और अपने समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे आना होगा।”
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पंजाब में तंबाकू नियंत्रण में मिली उपलब्धियों को साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार पंजाब में तंबाकू का सेवन देश में सबसे कम है। इस सफलता का श्रेय सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रभावी प्रवर्तन, ई-सिगरेट पर रोक, हुक्का बार पर प्रतिबंध और राज्य भर में तंबाकू त्याग केंद्रों की स्थापना को दिया गया।
उन्होंने युवाओं से कहा कि असली सफलता तभी होगी जब तंबाकू का सेवन समाज में अस्वीकार्य माना जाएगा। इस दिशा में जागरूक और सशक्त युवा ही बदलाव ला सकते हैं। इसके साथ ही मंत्री ने “भारत में तंबाकू मुक्त पीढ़ी के निर्माण के प्रति युवाओं की धारणा” शीर्षक से 10 राज्यों में किए गए अध्ययन की रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें युवा-केंद्रित रणनीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया गया।
समापन में डॉ. बलबीर सिंह ने सभी नागरिकों से, विशेषकर युवाओं से, तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने और मिलकर तंबाकू मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा, “आज का हमारा सामूहिक संकल्प आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और कल्याण को आकार देगा।”
सम्मेलन में आरसीटीसी-पीजीआईएमईआर के प्रमुख डॉ. सोनू गोयल, एसआईपीएफईआर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, वाइटल स्ट्रैटेजीज के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राणा जे. सिंह, डॉ. मीरा अघी, GSA निदेशक श्रीमती ओपिंदर प्रीत कौर गिल, यूपीवीएचए के कार्यकारी निदेशक श्री विवेक अवस्थी और एमएएनटी के श्री सप्तर्षि बसु राय उपस्थित थे।