दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिवाली 2025 पर ग्रीन पटाखों की इजाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया। सरकार भावनाओं और पर्यावरण में संतुलन चाहती है।
दिवाली से पहले दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ग्रीन पटाखों (Green Crackers) के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार जनता की भावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है।
सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई हरे पटाखों की अनुमति
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 अक्टूबर को ऐलान किया कि उनकी सरकार दिवाली पर प्रमाणित और सुरक्षित ग्रीन पटाखों के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम त्योहारों की सांस्कृतिक अहमियत और प्रदूषण नियंत्रण – दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया है। “हम सुप्रीम कोर्ट को लिखित में अपना पक्ष रखेंगे और केवल उन्हीं ग्रीन पटाखों की अनुमति मांगेगे जो पर्यावरण मानकों पर खरे उतरते हैं,” – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
दिल्लीवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, दिल्ली सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय से यह निवेदन करेगी कि इस दीपावली पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों (Green Firecrackers) के उपयोग की अनुमति प्रदान की जाए।
सरकार का मानना है कि जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण, दोनों के बीच संतुलन आवश्यक है।… pic.twitter.com/JsATbSb1ey
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 6, 2025
त्योहार की खुशियों और पर्यावरण के बीच संतुलन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिवाली भारत की सांस्कृतिक पहचान का बड़ा हिस्सा है। ऐसे में दिल्लीनिवासियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार कोर्ट से सिर्फ उन पटाखों की इजाजत की मांग करेगी जो प्रमाणित संस्थानों द्वारा बनाए गए और सरकारी मानकों के अनुरूप हों।
दिल्ली सरकार की प्राथमिकता: साफ हवा और सुरक्षित उत्सव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का पालन करेगी। यदि कोर्ट से इजाजत मिलती है, तो केवल सुरक्षित और सरकारी मंजूरी प्राप्त ग्रीन पटाखों का उपयोग किया जाएगा।
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बैन पटाखों पर सख्त कार्रवाई
5 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 1700 किलो से ज्यादा प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए। इस दौरान 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। DCP पंकज कुमार के अनुसार, ये छापे द्वारका, रोहिणी, उत्तम नगर, शास्त्री नगर, मुकुंदपुर और शाहदरा में मारे गए और ये अभियान सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत चलाया गया।
दिल्ली में दिवाली के समय क्यों होता है वायु प्रदूषण?
हर साल दिवाली के आसपास दिल्ली की हवा बेहद खराब स्तर (Severe AQI Level) तक पहुंच जाती है। पटाखों का धुंआ, पराली जलाना और ठंड मिलकर स्मॉग बनाते हैं, जिससे स्वास्थ्य संकट खड़ा हो जाता है।