भारत में Diabetes के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। डायबिटीज वाले लोगों को मीठे का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। हाल ही में फलों के जूस और डायबिटीज के बीच संबंध में जानना जरूरी है।
सोडा और एनर्जी ड्रिंक्स के साथ-साथ फलों के रस पीने से भी टाइप 2 Diabetes का खतरा बढ़ सकता है। पाया गया कि रोजाना 350 मिलीलीटर सोडा या एनर्जी ड्रिंक पीने से टाइप 2 Diabetes का जोखिम 25% तक बढ़ जाता है, जबकि रोजाना 250 मिलीलीटर फलों के रस के सेवन से यह जोखिम 5% तक बढ़ सकता है।
Diabetes ,फलों के जूस से शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे रोजाना इसका सेवन टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। अध्ययन में किसी विशेष फल का नाम नहीं बताया गया है, लेकिन किसी भी प्रकार के फलों के जूस का 250 मिलीलीटर रोजाना पीना शुगर की बीमारी का कारण बन सकता है।
डायबिटीज का खतरा नहीं बढ़ाने वाली चीजें
फलों के जूस के बजाय साबुत फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है और यह Diabetes का खतरा नहीं बढ़ाता। साबुत फल, अनाज और डेयरी उत्पादों में मौजूद शुगर शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होती। साथ ही, फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी शुगर लेवल बढ़ाने वाले नहीं हैं। जामुन, करेला और हरी सब्जियां डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी मानी जाती हैं। हालांकि, जूस और किसी भी प्रकार की एनर्जी ड्रिंक से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए इनका सेवन टालना चाहिए।
चाहे किसी को डायबिटीज हो या न हो, फलों के जूस और सोडा ड्रिंक का अधिक सेवन भविष्य में Diabetes का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है, उन्हें भी यह सोचकर जूस का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा।
डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें:
- रोजाना कम से कम आधा घंटा व्यायाम करें
- अपने खानपान का खास ध्यान रखें
- मीठी चीजों का सेवन कम करें
- मानसिक तनाव से बचें