रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने, खरोंच या लार के ज़रिए इंसानों और जानवरों में फैलती है और मुख्य रूप से मस्तिष्क व नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। भारत में इसका सबसे बड़ा खतरा Dogs के काटने से होता है। लक्षण शुरू होने के बाद इसका इलाज लगभग असंभव है, इसलिए समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे कारगर बचाव है।
Dog , पिल्लों को 3–4 महीने की उम्र में पहला एंटी-रेबीज़ टीका लगाना चाहिए, फिर एक साल की उम्र में बूस्टर डोज और उसके बाद हर साल बूस्टर लगवाना जरूरी है ताकि इम्यूनिटी बनी रहे। अगर कुत्ता पहले से वैक्सिनेटेड नहीं है, तो डॉक्टर 3–4 हफ्तों के अंतराल पर दो डोज दे सकते हैं। स्ट्रीट डॉग्स का भी कम से कम एक बार टीकाकरण कराना संक्रमण के खतरे को घटाने के लिए जरूरी है।
टीकाकरण हमेशा प्रमाणित वैक्सीन और योग्य पशु चिकित्सक से ही करवाएं। वैक्सीन के बाद कुत्ते को 24 घंटे आराम दें, पर्याप्त पानी और खाना दें, और अगर कमजोरी, बुखार या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।