आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुजरात दौरे की शुरुआत सूरत से की। उन्होंने नगर निगम चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए जनता से बदलाव के लिए समर्थन देने की अपील की।
सूरत से तीन दिवसीय गुजरात दौरे की शुरुआत
सिसोदिया ने कहा कि वह अगले तीन दिनों तक गुजरात के विभिन्न शहरों में रहेंगे। इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से मुलाकात करेंगे, ताकि उनकी उम्मीदों, समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा जा सके।
भाजपा सरकार पर 30 वर्षों के शासन को लेकर सवाल
अपने संबोधन में मनीष सिसोदिया ने कहा कि गुजरात में पिछले लगभग 30 वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को सबसे बड़ी जरूरत बताया।
आज गुजरात पहुँचा हूँ- सूरत से शुरुआत…
उन साथियों का हौसला बढ़ाने के लिए, जो नगर निगम चुनाव में पूरे दम से BJP को चुनौती दे रहे हैं।अगले तीन दिन अलग-अलग शहरों में रहूँगा-
कार्यकर्ताओं के साथ, और गुजरात की आम जनता के बीच… उनकी उम्मीदों, उनके सपनों को हौसला देने के लिए।30… pic.twitter.com/weHkErjX8x
— Manish Sisodia (@msisodia) April 22, 2026
सूरत में AAP के प्रदर्शन का किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि सूरत नगर निगम चुनाव में लगभग पांच साल पहले आम आदमी पार्टी को 27 पार्षदों का समर्थन मिला था, जो बदलाव की एक मजबूत शुरुआत थी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी AAP पार्षदों ने क्षेत्र में बेहतर सरकारी स्कूलों के विकास में योगदान दिया।
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नगर निगम में व्यवस्था बदलने का लक्ष्य
सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि इस बार पार्टी का उद्देश्य केवल चुनावी सीटें जीतना नहीं है, बल्कि नगर निगम की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाना है। उनका कहना है कि AAP का फोकस पारदर्शी शासन, बेहतर शिक्षा और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
जनता से समर्थन की अपील
AAP नेताओं ने गुजरात की जनता से अपील की कि वे इस बार बदलाव के लिए आगे आएं और स्थानीय निकायों में एक नई और जनहितकारी व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।
गुजरात में आगामी नगर निगम चुनावों के बीच सूरत से शुरू हुआ यह दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सभी प्रमुख दल मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।