दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की Delhi Government ने अपने एक अहम चुनावी वादे को अमल में लाते हुए अटल कैंटीन योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में सरकार ने राजधानी में 100 अटल कैंटीनें खोलने को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए एक 9 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो कैंटीन स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
इन कैंटीनों में जरूरतमंदों को सिर्फ 5 रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा, जिसमें रोटी, दाल, सब्जी और चावल शामिल होंगे। यह पहल खासतौर पर गरीबों, मजदूरों, रिक्शा चालकों, दिहाड़ी श्रमिकों, छात्रों और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को ध्यान में रखकर की जा रही है। कैंटीनें प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे निर्माण स्थलों, बस स्टॉप और बाजारों के पास खोली जाएंगी।
यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में शुरू की जा रही है और इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर 2025 के आसपास किया जा सकता है। इस परियोजना के लिए 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना समाज के वंचित वर्गों की बुनियादी खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करेगी। कैंटीनों का संचालन स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से किया जाएगा और दो वक्त का भोजन – सुबह और दोपहर – उपलब्ध रहेगा। हाल ही में शालीमार बाग में एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन भी किया गया, जिसे कैंटीनों में उपयोग में लाया जाएगा ताकि भोजन तैयार करने में आसानी हो।
यह योजना हरियाणा की ‘अटल किसान-मजदूर कैंटीन’ और तमिलनाडु की ‘अम्मा कैंटीन’ से प्रेरणा लेकर तैयार की गई है, और दिल्ली में पहली बार इतने बड़े स्तर पर लागू की जा रही है।