SYL नहर विवाद पर पंजाब और हरियाणा आमने-सामने, भगवंत मान ने कहा- ‘राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं होगा’। बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच सतलुज–यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पर अहम बैठक हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान अभी तक नहीं निकल सका। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा आपसी सहमति से ही सुलझाया जाएगा।
बैठक का सार
27 जनवरी को चंडीगढ़ के एक फाइव-स्टार होटल में हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल थे। करीब एक घंटे चली इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और किसी भी राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
SYL मुद्दा पंजाब के लिए भावनात्मक: भगवंत मान
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि SYL नहर का मुद्दा पंजाब के लिए भावनात्मक और संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के पास कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और राज्य के हिस्से का एक भी कतरा अन्य राज्यों को नहीं दिया जाएगा। मान ने कहा, “पंजाब हरियाणा का बड़ा भाई है, दुश्मन नहीं।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि SYL नहर को जबरन लागू किया गया तो पंजाब में कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इसे जीत-हार का मामला नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के हित और भावनाओं से जुड़ा विषय बताया।
also read: पंजाब में 21 सरकारी कॉलेजों के नए प्रधानाचार्य नियुक्त,…
आपसी बातचीत और संयुक्त प्रयास
भगवंत मान ने SYL विवाद को दशकों पुराना बताया और कहा कि अब नई पीढ़ी आई है, इसलिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों के स्तर पर नियमित बैठक और संयुक्त कार्य समूह बनाने का प्रस्ताव रखा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक को सकारात्मक और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के स्तर पर चर्चा कर व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। सैनी ने गुरु नानक देव की वाणी “पवन गुरु, पानी पिता” का हवाला देते हुए मार्गदर्शन पर जोर दिया।
पंजाब का जल संकट और पानी का बंटवारा
भगवंत मान ने पंजाब के जल संकट पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि तीन नदियों से मिलने वाले 34.34 मिलियन एकड़ फीट पानी में से केवल 14.22 एमएएफ (लगभग 40%) पंजाब को मिला, जबकि शेष 60% हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को दिया गया।
मान के अनुसार, भूजल अत्यधिक दोहन हो रहा है और 153 में से 115 ब्लॉक ओवर-एक्सप्लॉइटेड घोषित हो चुके हैं। पंजाब अपनी जरूरतों की अनदेखी कर गैर-तटीय राज्यों को पानी देता है, जबकि बाढ़ और नुकसान केवल पंजाब झेलता है।
सुप्रीम कोर्ट और अगली सुनवाई
SYL विवाद वर्षों से दोनों राज्यों के बीच टकराव का कारण रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में केंद्र के सहयोग से आपसी समाधान का निर्देश दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल 2026 में सूचीबद्ध है।