सुबह-सुबह चेहरे का ढीला होना, हाथ-पैर में कमजोरी, बोलने या देखने में दिक्कत दिखे तो हो सकता है स्ट्रोक का खतरा। जानें स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण, FAST टेस्ट और तुरंत बचाव के उपाय।
स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें दिमाग तक ब्लड फ्लो अचानक रुक जाता है या कम हो जाता है। इससे ब्रेन को जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते, और समय पर इलाज न मिलने पर ब्रेन डैमेज, पैरालिसिस या जान का खतरा बन सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर सुबह उठते समय दिखाई देने वाले संकेत।
स्ट्रोक के मुख्य प्रकार
स्ट्रोक मुख्यतः तीन प्रकार का होता है:
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इस्केमिक स्ट्रोक – दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट बनने से ब्लड फ्लो रुकना।
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हैमरेजिक स्ट्रोक – दिमाग की नस फटना या लीक होना।
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मिनी स्ट्रोक (TIA) – छोटे स्ट्रोक की चेतावनी, भविष्य में बड़ा स्ट्रोक होने की संभावना।
मुख्य कारण: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अधिक कोलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग, मोटापा, दिल की बीमारी, शारीरिक गतिविधि की कमी और ज्यादा शराब।
सुबह दिखाई देने वाले स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
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चेहरे में असमानता: एक तरफ चेहरा ढीला या टेढ़ा लगना।
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हाथ या पैर में कमजोरी: शरीर के एक तरफ सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी।
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बोलने में कठिनाई: शब्द साफ न निकलना, वाक्य दोहराने में परेशानी।
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दृष्टि में बदलाव: अचानक आंखों से कम दिखना, डबल विज़न या एक आंख से दिखाई न देना।
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संतुलन बिगड़ना: चलते समय लड़खड़ाना या अचानक भ्रम की स्थिति।
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अन्य हल्के संकेत: बुजुर्गों में अचानक थकान, चुप्पी, व्यवहार में बदलाव या रोजमर्रा के काम में दिक्कत।
FAST टेस्ट से पहचानें स्ट्रोक
डॉक्टर FAST टेस्ट अपनाने की सलाह देते हैं:
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F – Face: चेहरा टेढ़ा या असमान दिख रहा है?
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A – Arm: एक हाथ उठाने में कमजोरी या सुन्नपन।
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S – Speech: बोलने में दिक्कत या आवाज लड़खड़ाना।
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T – Time: कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत इमरजेंसी कॉल करें।
तुरंत एक्शन क्यों जरूरी है?
स्ट्रोक में हर सेकंड कीमती है। जितनी जल्दी मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए, उतना ज्यादा ब्रेन डैमेज से बचाव संभव है। सुबह दिखने वाले लक्षणों को थकान, नींद की कमी या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।