अस्पतालों में oxygen plants के लिए एसओपी को दिया अंतिम रूप

by ekta
अस्पतालों में oxygen plants के लिए एसओपी को दिया अंतिम रूप
राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने विभिन्न अस्पतालों में स्थापित oxygen plants के सुचारू संचालन एवं उपयोग के लिए एक मानक संचालन प्रकिया (एसओपी) तैयार की है। इस एसओपी को स्वास्थ्य भवन में आरएमएससीएल की प्रबंध निदेशक श्रीमती नेहा गिरि की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम रूप दिया गया। यह एसओपी लागू होने से प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स का निर्धारित मापदण्डों के अनुसार बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने राज्य में चिकित्सा ऑक्सीजन संसाधनों की उपलब्धता और प्रभावी प्रबंधन के संबंध में निर्देश दिए थे। उन्होंने अस्पतालों में स्थापित आक्सीजन प्लांट्स के प्रभावी संचालन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) विकसित करने की आवश्यकता व्यक्त की थी। आरएमएससीएल ने विषय विशेषज्ञों, उद्योग विशेषज्ञों, और विभिन्न अस्पताल प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर इस एसओपी का अंतिम रूप दे दिया है। जल्द ही इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा। राज्य नोडल अधिकारी (ऑक्सीजन प्रबंधन), डॉ. प्रेम सिंह ने ड्राफ्ट एसओपी  में शामिल ​बिंदुओं के बारे में जानकारी दी।
श्रीमती नेहा गिरि ने बैठक में कहा कि प्लांट्स में प्रेशर अलार्म के साथ ऑक्सीजन शुद्धता अलार्म भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब्स के माध्यम से ऑक्सीजन शुद्धता परीक्षण की आवृत्ति को निर्धारित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि एसओपी में अस्पतालों के लिए एक चेकलिस्ट शामिल की गई है, जिसमें यह बताया जाए कि अगर प्लांट्स में कोई समस्या आती है तो कब और किस स्तर पर कार्यवाही की आवश्यकता है। उन्होंने ऑक्सीजन संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग के लिए ऑक्सीजन संचालन और बीएमई की नियुक्ति और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील परमार ने एसओपी को तकनीकी और प्लांट ऑपरेटर्स के उपयोग के अनुकूल बनाने और अग्नि सुरक्षा मुद्दों को लेकर सुझाव दिए।
पाथ इंटरनेशनल के श्री जयेन्द्र कसार ने कोविड के दौरान ऑक्सीजन प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बड़े अस्पतालों में चिकित्सा ऑक्सीजन के लिए प्लांट्स का कितना प्रभावी उपयोग हुआ है। एसएमएस अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने प्लांट्स की वर्तमान स्थिति और उनकी विभिन्न आवश्यकताओं के बारे में बताया। अ​धिशाषी अभियंता श्री मुकेश कुशवाहा, डॉ. संदीप कोठारी, और इंडस्ट्री विशेषज्ञ श्री नवीन शर्मा एवं सुश्री दीक्षा गोसाईं ने भी एसओपी के संबंध में अपने सुझाव दिए।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा ऑक्सीजन आवश्यकताओं की आपूर्ति में राजस्थान आत्मनिर्भर है। राज्य में 530 से अधिक प्लांट्स और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में 40 हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा तरल चिकित्सा ऑक्सीजन भंडारण टैंकों को भी स्थापित किया गया है।

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