Republic Day 2026 पर कर्तव्य पथ की परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का शानदार प्रदर्शन देखने के बाद PM Modi भावुक हो गए। 77वें गणतंत्र दिवस की पूरी खबर पढ़ें।
Republic Day 2026: भारत ने 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गर्व और भव्यता के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य परेड में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत की झलक देखने को मिली। इस साल की परेड में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना भारतीय सेना का विशेष सैन्य प्रदर्शन — ‘ऑपरेशन सिंदूर’।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने खींचा सबका ध्यान
परेड के दौरान जब सेना के हेलीकॉप्टर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रतीकात्मक ध्वज लेकर कर्तव्य पथ के ऊपर से उड़ान भरी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने तुरंत अपनी सीट छोड़ दी और खड़े होकर उस दृश्य को निहारते रहे। कुछ क्षणों के लिए वे आसमान की ओर देखते हुए गंभीर और भावनात्मक मुद्रा में दिखाई दिए, जो सेना के शौर्य और बलिदान के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथियों को बताया ऑपरेशन का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक पल के दौरान मुख्य अतिथियों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की अहमियत और भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनके चेहरे पर गर्व और सम्मान साफ झलक रहा था।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भारतीय परेड की भव्यता और सैन्य अनुशासन की सराहना की।
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वायुसेना का दमदार एयर शो
भारतीय वायुसेना ने आसमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाकर परेड को और भी यादगार बना दिया।
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सुखोई और राफेल समेत 29 लड़ाकू विमान
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सूर्यास्त्र टीम
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MI-17 हेलिकॉप्टरों द्वारा फूलों की वर्षा
इन सभी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
‘वंदे मातरम’ थीम पर आधारित रही मुख्य परेड
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ रखी गई, जो इसके 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में थी। कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकाली गईं, जो
“स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” की भावना को दर्शा रही थीं।
राष्ट्रपति ने फहराया तिरंगा, वीरता सम्मान प्रदान
कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनके अद्वितीय साहस के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। पूरा समारोह लगभग 90 मिनट तक चला।
देशभर में गर्व और उत्साह का माहौल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक होना और सेना के सम्मान में खड़ा होना हर भारतीय के दिल को छू गया। यह परेड सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी थी कि भारत अपने शहीदों और वीर जवानों को कभी नहीं भूलता।