RAJASTHAN NEWS : स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अनुसार, कोरोना का वर्तमान में उभरता हुआ संस्करण घातक नहीं है, लेकिन आम जनता को खांसी, सर्दी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर सामान्य सावधानी बरतते हुए चिकित्सा संस्थान में जाकर आवश्यक परामर्श, जांच और उपचार करना चाहिए।
श्री खिनवसर ने कहा कि कोरोना के मामलों को देखते हुए बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों के रोगियों और बच्चों जैसे कमजोर वर्गों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आई. एल. आई. के लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें और भीड़ से बचें। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना से अधिक खतरा नहीं बताया है, लेकिन चिकित्सा संस्थानों में परीक्षण, दवा और उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि आईएलआई के लक्षणों वाले रोगियों को आवश्यक परीक्षण और उपचार मिल सके।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौर ने कहा कि राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के साथ-साथ बंद ऑक्सीजन संयंत्रों को जल्द से जल्द ठीक कराएं। उन्होंने कहा कि कोरोना के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
मंगलवार को राज्य में नौ मामले सामने आए।
लोक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि राज्य में मंगलवार को कोरोना के 9 मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि एम्स जोधपुर में 2, सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर में 2, बी लाल लैब जयपुर में 4 और अनविक डायग्नोस्टिक सेंटर जयपुर में 1 मामला सामने आया है। इस वर्ष अब तक 32 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अजमेर में 2, बीकानेर में 1, डीडवाना में 3, जयपुर में 13, जोधपुर में 6, फलोदी में 1, सवाई माधोपुर में 1, उदयपुर में 4 और एक अन्य मामला शामिल है।