RAJASTHAN Minister Madan ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी को अपने भविष्य की चिंता करनी चाहिए और जल बचाने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने बुधवार को उदयपुर के बड़गांव पंचायत समिति स्थित लखावली तालाब पर जिला प्रशासन एवं वाटरशेड विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वजों ने पानी की हर बूंद के महत्व को समझाया है, और सामुदायिक प्रयासों से जल स्रोतों को संरक्षित करने से भू-जल स्तर में सुधार हुआ है।
पारंपरिक जल स्रोतों का सम्मान आवश्यक
Minister Madan ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर कार्य कर रही है, लेकिन आम जनता को भी जल संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने बरसाती जल के संचयन, वाटर हार्वेस्टिंग और जल स्रोतों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों की रक्षा और सम्मान पर बल देते हुए कहा कि जल स्वयं भगवान का स्वरूप है और इसे संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बावड़ियों, कुओं और तालाबों की सफाई और पुनरोद्धार के लिए सामुदायिक प्रयास किए जाएं।
भू-जल दोहन पर नियंत्रण और गौ संरक्षण पर जोर
Minister Madan ने भू-जल के अत्यधिक दोहन को रोकने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कई क्षेत्र अब भी जल संकट से जूझ रहे हैं, जहां नए ट्यूबवेल खोदने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भू-जल स्तर से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्होंने गौ संरक्षण की महत्ता बताते हुए कहा कि जैविक खेती और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए गाय के गोबर का उपयोग आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण पर विशेष ध्यान
Minister Madan ने ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक की स्थापना की बजट घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और बताया कि इससे प्लास्टिक एवं डिस्पोजेबल बर्तनों के उपयोग में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य को लाभ होगा। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण का आह्वान करते हुए बताया कि गत वर्ष 7 करोड़ पौधे रोपे गए थे, और इस वर्ष इसे 10 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
विकास कार्यों का लोकार्पण एवं जल पूजन
कार्यक्रम के दौरान Minister Madan ने राजीविका एवं वाटरशेड विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और लखावली तालाब घाट पर जल पूजन किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा तालाब किनारे वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के प्रथम चरण की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में गोगुंदा विधायक श्री प्रताप गमेती, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद, जिला परिषद सीईओ श्रीमती रिया डाबी, पूर्व विधायक श्री बंशीलाल खटीक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।