मोदी कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 4 नए रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, कुल 24,634 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे नेटवर्क में 894 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।
मोदी कैबिनेट की ताजा बैठक में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 4 महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 24,634 करोड़ रुपये है और इससे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। ये परियोजनाएं 18 जिलों को कनेक्ट करेंगी और 85 लाख से अधिक आबादी वाले लगभग 3,633 गांवों को लाभ पहुंचाएंगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया महत्वपूर्ण फैसले का सार
कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि देश के सात रेलवे कॉरिडोर कुल रेल यातायात का 41% हिस्सा संभालते हैं। सरकार इन कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए तेजी से काम कर रही है और अब फोर लेन के साथ-साथ जहां संभव हो, छह लेन बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाओं के बढ़ने से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।
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मंजूर की गई 4 रेलवे परियोजनाएं
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वर्धा-भुसावल (महाराष्ट्र) – तीसरी और चौथी लाइन, 314 किलोमीटर
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गोंदिया-डोंगरगढ़ (महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) – चौथी लाइन, 84 किलोमीटर
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वडोदरा-तलाम (गुजरात-मध्य प्रदेश) – तीसरी और चौथी लाइन, 259 किलोमीटर
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इटारसी-भोपाल-बीना (मध्य प्रदेश) – चौथी लाइन, 237 किलोमीटर
रेलवे नेटवर्क विस्तार से होगा आर्थिक और सामाजिक विकास
इन प्रोजेक्ट्स के जरिए न केवल रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों में कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इससे व्यापार और जनसामान्य की सुविधा में सुधार होगा। साथ ही, यह मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना देश के दो आकांक्षी जिलों विदिशा (मध्य प्रदेश) और राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) तक विकास की राह खोलने में मददगार होगी।