चंडीगढ़, 28 फरवरी 2026 — पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को जड़ों से मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ‘खेल पिटारा’ नामक लर्निंग किट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल के माध्यम से सरकार 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के विकास के लिए 9.3 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
7.5 लाख बच्चों को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का लाभ
इस योजना का सीधा लाभ पंजाब के लगभग 12,856 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 7.5 लाख बच्चों को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य रटने की पुरानी पद्धति को खत्म कर ‘खेल-आधारित शिक्षण’ (Play-based learning) को बढ़ावा देना है।
“3 से 8 वर्ष के बच्चों में निवेश करना, वास्तव में अगले 20 वर्षों के लिए पंजाब के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध करना है।”
— हरजोत सिंह बैंस, शिक्षा मंत्री (पंजाब)
क्या है ‘खेल पिटारा’ और इसके घटक?
‘खेल पिटारा’ एक व्यापक टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (TLM) किट है, जिसे विशेष रूप से नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। यह किट बच्चों में जिज्ञासा और रचनात्मकता जगाने का काम करेगी।
किट की मुख्य विशेषताएं:
- आयु-आधारित सामग्री: खिलौने, पहेलियाँ (Puzzles), और मैनिपुलेटिव्स।
- भाषा विकास: कहानी कार्ड (Story Cards), फ्लैश कार्ड और कठपुतलियाँ (Puppets)।
- रचनात्मक उपकरण: पोस्टर, गतिविधि पुस्तिकाएं और खेल सामग्री।
- स्थानीय जुड़ाव: सभी शिक्षण सामग्री पंजाबी भाषा में तैयार की गई है ताकि बच्चे अपनी मातृभाषा में सहजता से सीख सकें।
रणनीतिक निवेश: रटने से ‘सीखने’ की ओर
- सरकार की यह पहल केवल सामान बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक बदलाव है:
- बुनियादी साक्षरता: बच्चों में भाषा और संख्यात्मक ज्ञान (Numeracy) की नींव मजबूत होगी।
- तनाव मुक्त शिक्षा: खेल-खेल में सीखने से स्कूली शिक्षा के प्रति बच्चों का डर खत्म होगा।
- शिक्षकों को सहयोग: 1 अप्रैल तक सभी स्कूलों में किट पहुंचाने के साथ-साथ शिक्षकों को इसके प्रभावी उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण और संसाधन दिए जाएंगे।
भविष्य की तैयारी
भगवंत मान सरकार का मानना है कि फाउंडेशनल स्टेज (प्रारंभिक चरण) पर किया गया यह रणनीतिक निवेश भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर पैदा करेगा। 9.3 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वितरण अंतिम चरण में है।