पंजाब मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक ‘खाद्य सुरक्षा योजना’ को मंजूरी दी, 40 लाख NFSA परिवारों को गेहूं, चीनी, तेल और नमक मिलेगा। 2026-27 में ₹12,800 करोड़ उत्पाद शुल्क राजस्व का लक्ष्य, बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा और 361 स्टाफ नर्स पदों की बहाली शामिल।
पंजाब मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सोमवार को ऐतिहासिक ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंजूरी दी। इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के 40 लाख परिवारों को गेहूं, चीनी, सरसों का तेल और नमक वितरित किया जाएगा। यह पहल राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कमजोर वर्गों के कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में सबसे व्यापक कदम माना जा रहा है।
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹12,800 करोड़ के उत्पाद शुल्क राजस्व लक्ष्य को भी अनुमोदित किया है, और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का अनुमान लगाया है। यह लक्ष्य राज्य के जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करेगा।
बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मानवीय मुआवजा
मंत्रिमंडल ने मानसून 2025 में बाढ़ से प्रभावित सरकारी भूमि पर खेती करने वाले किसानों के लिए एकमुश्त मुआवजा देने का निर्णय लिया। जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ था और उन्हें पहले मुआवजा नहीं मिला, उन्हें अब सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
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ओटीएस योजना का विस्तार और पारदर्शी इनाम नीति
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए ओटीएस योजना की वैधता 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, मंत्रिपरिषद ने वांछित अपराधियों के खिलाफ पारदर्शी इनाम नीति को भी मंजूरी दी, जिससे पुलिस और मुखबिरों के प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र
मंत्रिपरिषद ने 16वीं पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 से 16 मार्च 2026 तक आयोजित करने को भी स्वीकृति दी। राज्यपाल का अभिभाषण 6 मार्च को होगा और वित्त मंत्री 8 मार्च को 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
स्वास्थ्य और भर्ती में सुधार
कोविड स्वयंसेवकों को भर्ती में आयु में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। इसके साथ ही 361 स्टाफ नर्स पदों को पुनः सक्रिय किया जाएगा, जिनमें 224 पद एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त थे। इन पदों को अब बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, फरीदकोट के माध्यम से भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर कहा कि ये सभी कदम पंजाब सरकार की कल्याणकारी और वित्तीय सुदृढ़ नीति का हिस्सा हैं, जो राज्य के हर वर्ग तक लाभ पहुँचाने और प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित करने की दिशा में हैं।