पंजाब सरकार ने शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के अपने अभियान ‘सिख्य क्रांति’ को और मजबूत बनाने के लिए सख्त जवाबदेही लागू की है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अचानक निरीक्षण के बाद माछीवाड़ा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में गंभीर कमियों को देखते हुए छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने पाया कि छात्रों को बुनियादी प्रश्नों को समझने में कठिनाई हो रही थी और विद्यालय प्रबंधन में कई कमियां थीं। इसके तुरंत बाद बीआरसी, प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक, तीन ईटीटी शिक्षक और एक आईईएटी शिक्षक को नोटिस भेजकर सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
ਮਾਛੀਵਾੜਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਦਾ ਅਚਨਚੇਤ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ।
ਸਾਡੇ ਲਈ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਹੋਰ ਕੋਈ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਜੋ ਅਧਿਆਪਕ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਵਰਤਣਗੇ ਜਾਂ ਕੁਤਾਹੀ ਕਰਨਗੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਤੋਂ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।
ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਅੱਜ ਇੱਥੋਂ ਦੇ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲ ਦੇ… pic.twitter.com/rv1rZebz4F
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) February 18, 2026
हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हम बच्चों की शिक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के लिए शिक्षा सर्वोपरि है। प्रत्येक शिक्षक को अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करना होगा।”
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यह कार्रवाई पंजाब में शिक्षा सुधारों के तहत गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का प्रतीक है। मंत्री बैंस ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों में अचानक निरीक्षण करके छात्रों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, कक्षा संचालन और बुनियादी ढांचे की स्थिति का मूल्यांकन किया।
वीडियो साझा करते हुए बैंस ने कहा, “मैंने माछीवाड़ा साहिब के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया और पाया कि कुछ शिक्षक कर्तव्य में लापरवाह हैं। इस तरह की चूक किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों की शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
पंजाब सरकार की यह पहल यह दर्शाती है कि शिक्षा सुधार और शिक्षक जवाबदेही को लेकर मान सरकार गंभीर है और सभी स्तरों पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।