गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि की, चंडीगढ़ और यूनिवर्सिटी के दावों को दोहराया और राज्य की विकास योजनाओं का विवरण दिया।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया और अपनी सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण पेश किया। उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और राज्य के पानी के अधिकारों पर पंजाब के दावों की मजबूती को दोहराया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब की बेमिसाल कुर्बानियों और देश के अन्नदाता व खड़गभुजा की भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आजादी के बाद राज्य को इसकी राजधानी और अलग हाईकोर्ट से वंचित रखा गया, जिसे सुधारना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
पंजाब के संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य अपने हितों की रक्षा के लिए लगातार कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई करता रहेगा।
साथ ही, उन्होंने राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस साल गुरु रविदास का 650वां प्रकाश पर्व 1 से 20 फरवरी 2027 तक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इसके अलावा, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस की ऐतिहासिक यादगारों को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया।
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सरकार की उपलब्धियां और विकास कार्य
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में किए गए विकास और सुरक्षा उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने:
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‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया, जिसमें तस्करों को जेलों में डाला गया और नशे की सप्लाई चेन तोड़ी गई।
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‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत अपराधियों और उनके समर्थकों को चेतावनी दी।
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10 लाख रुपए तक की सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की।
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63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां रिश्वत मुक्त दी।
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सड़क सुरक्षा फोर्स के माध्यम से सड़क हादसों में मौतों को घटाया।
उन्होंने मनरेगा और निवेश योजनाओं का हवाला देते हुए बताया कि पिछले साल 1.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 5.2 लाख रोजगार सृजित हुए और 13 से 15 मार्च तक पंजाब निवेश सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
किसान और सैनिक बने पंजाब की ताकत
मुख्यमंत्री ने पंजाब के किसानों और सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य देश के अन्न भंडार में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। बाढ़ जैसी आपदाओं में पंजाब के किसानों ने केंद्रीय पूल में 156 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान किया।
एकता और कानून का संदेश
भगवंत मान ने राज्य में फूट डालने वाले तत्वों को चेतावनी दी और कहा कि झूठा प्रचार कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जुर्म का रास्ता छोड़ें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें।
नशा विरोधी और सीमा सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक लगाई गई है, और अब तक 498 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया और 256 ड्रोन जब्त किए गए हैं।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्यवासियों की सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।