पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी, प्राइमरी और प्लेवे स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने और बच्चों को खेल-खेल के जरिए पढ़ाने की घोषणा की। राज्य में 1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र भी बनाए जा रहे हैं।
पंजाब सरकार ने बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी, प्राइमरी और प्लेवे स्कूलों के लिए नई पहल की घोषणा की है। अब इन सभी स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा और बच्चों को पढ़ाई केवल किताबों के माध्यम से नहीं, बल्कि खेल-खेल के जरिए सीखने का अवसर मिलेगा।
समान पाठ्यक्रम और खेल-खेल के माध्यम से पढ़ाई
कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सही वातावरण प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चों के दिमाग का लगभग 90% विकास पाँच साल की उम्र तक होता है। इसलिए, अब बच्चों को पढ़ाई में बोझिल किताबों की बजाय खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने पर जोर दिया जाएगा।
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आंगनवाड़ी केंद्रों में आधुनिक सुविधाएं
बलजीत कौर ने यह भी कहा कि राज्य भर में 1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 700 केंद्र पहले ही तैयार हो चुके हैं। इन केंद्रों में खुले कमरे, आराम घर, रसोई और बच्चों के अनुकूल फर्नीचर व आकर्षक वॉल पेंटिंग की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण देना है जहां वे अपने आप सीख सकें और खेल के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकें।
शिक्षक प्रशिक्षण और माता-पिता की भागीदारी
सरकार ने शिक्षकों और स्टाफ की प्रशिक्षण प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है, जो फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही माता-पिता को भी बच्चों की पढ़ाई में शामिल किया जा रहा है। उन्हें फोन और अन्य माध्यमों से मार्गदर्शन दिया जा रहा है कि बच्चों की शिक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल सभी बच्चों के लिए समान विकास और अवसर सुनिश्चित करेगी। खेल-खेल के जरिए पढ़ाई और आधुनिक सुविधाओं से लैस आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की शैक्षणिक और मानसिक विकास यात्रा को मजबूत करेंगे।