प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाज़ा में शांति प्रस्ताव का किया समर्थन, ट्रंप के नेतृत्व की सराहना | जानिए क्या है पूरा प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाज़ा में शांति प्रस्ताव का किया समर्थन, ट्रंप के नेतृत्व की सराहना | जानिए क्या है पूरा प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाज़ा में संघर्षविराम और शांति प्रयासों का समर्थन किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की। जानें शांति प्रस्ताव के 20 प्रमुख बिंदु और भारत की भूमिका।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाज़ा में युद्धविराम और शांति बहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत, गाज़ा में स्थायी और न्यायसंगत समाधान के लिए किए जा रहे हर प्रयास के साथ खड़ा है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “गाज़ा में शांति की दिशा में निर्णायक प्रगति हो रही है। हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हैं। बंधकों की रिहाई का संकेत एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सभी शांति प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा।”

गाज़ा संघर्ष: हमास और इज़राइल के बीच क्या हो रहा है?

डोनाल्ड ट्रंप ने गाज़ा में संघर्षविराम और शांति बहाली के लिए 20-पॉइंट प्लान पेश किया है। इस प्लान को इज़राइल पहले ही स्वीकार कर चुका है, और अब हमास ने भी बंधकों की रिहाई और गाज़ा की सत्ता अन्य फलस्तीनियों को सौंपने पर सहमति जताई है।

हालांकि हमास ने बाकी बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लेने की बात कही है। बता दें कि ट्रंप ने हमास को एक अल्टीमेटम दिया था कि अगर वे प्रस्ताव स्वीकार नहीं करते, तो परिणाम भुगतने होंगे।

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शांति प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु

  1. गाज़ा को आतंक मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा।

  2. इज़राइल 72 घंटे में सैन्य कार्रवाई रोक देगा और धीरे-धीरे सेना हटाएगा।

  3. हमास बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें 48 इज़राइली नागरिक शामिल हैं।

  4. इज़राइल, 250 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।

  5. मानवीय सहायता के लिए हर दिन 600 राहत ट्रक गाज़ा भेजे जाएंगे।

  6. हमास के शांतिपूर्ण सदस्यों को माफी मिलेगी, और जो देश छोड़ना चाहें, उन्हें सुरक्षित रूट मिलेगा।

  7. गाज़ा का प्रशासन तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसकी निगरानी अंतरराष्ट्रीय समिति करेगी।

  8. ट्रंप और टोनी ब्लेयर इस अंतरराष्ट्रीय समिति का नेतृत्व करेंगे।

  9. विशेष आर्थिक क्षेत्र का निर्माण होगा ताकि रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिले।

  10. गाज़ा में कोई भी व्यक्ति जबरन नहीं निकाला जाएगा, और जो बाहर जाएंगे, उन्हें वापस आने का अधिकार मिलेगा।

भारत का समर्थन क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत हमेशा से मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति का पक्षधर रहा है। पीएम मोदी का यह बयान दर्शाता है कि भारत वैश्विक स्तर पर न्यायपूर्ण और मानवीय समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने पहले भी इसराइल और फलस्तीन दोनों के साथ संतुलित कूटनीतिक संबंध बनाए हैं।

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