बारिश के कारण प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का दशहरा कार्यक्रम रद्द, दिल्ली-NCR में रावण दहन पर असर, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया प्रतीकात्मक दहन।
दिल्ली-NCR समेत देश के कई राज्यों में हो रही भारी बारिश ने दशहरे की रौनक पर पानी फेर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली में आयोजित रामलीला कार्यक्रमों में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते दोनों नेताओं ने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन और पीतमपुरा में होने वाले कार्यक्रमों को भारी बारिश के चलते रद्द करना पड़ा।
दिल्ली समेत कई शहरों में रावण दहन कार्यक्रम रद्द
देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, पटना सहित कई शहरों में दशहरे पर भारी बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर रावण के पुतले गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए। बारिश के कारण बड़ी संख्या में दर्शक भीगते हुए घर लौटने पर मजबूर हो गए। दिल्ली के प्रसिद्ध लव-कुश रामलीला मैदान और इंद्रप्रस्थ रामलीला स्थल पर बारिश ने आयोजन में खलल डाल दिया। वीडियो फुटेज में देखा गया कि लोग होर्डिंग्स और टेंट के नीचे शरण लेते नजर आए।
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प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का कार्यक्रम क्यों हुआ रद्द?
प्रधानमंत्री मोदी को इंद्रप्रस्थ रामलीला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन कार्यक्रम से कुछ समय पहले ही तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे रावण का विशाल पुतला भीग गया। इसी तरह, गृहमंत्री अमित शाह को पीतमपुरा स्थित केशव रामलीला में शिरकत करनी थी, लेकिन बारिश के कारण उन्हें भी अपना दौरा रद्द करना पड़ा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया प्रतीकात्मक रावण दहन
बारिश के बावजूद, लाल किला मैदान में आयोजित श्री धार्मिक लीला समिति के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिस्सा लिया। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया और देशवासियों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मानवता की जीत बताते हुए कहा कि आतंकवाद के रावण का अंत आवश्यक है और देश के वीर जवानों को इसके लिए सलाम किया।
बारिश के बावजूद दशहरा का संदेश अडिग
भले ही मौसम ने दशहरा के उत्सव को प्रभावित किया हो, लेकिन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश हर भारतीय के मन में आज भी उतना ही जीवंत है। सरकार और आयोजकों की तरफ से अब आयोजनों को पुनः शेड्यूल करने पर विचार किया जा सकता है।