पौष पुत्रदा एकादशी 2025: जानें राशि अनुसार भगवान विष्णु को कौन सी चीज़ चढ़ाएं

पौष पुत्रदा एकादशी 2025: जानें राशि अनुसार भगवान विष्णु को कौन सी चीज़ चढ़ाएं

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 में राशि अनुसार भगवान विष्णु को किस भोग का अर्पण करना चाहिए, जानें। इस व्रत से जीवन में सुख, समृद्धि और ग्रहों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। राशि के अनुसार भोग अर्पित करने से खुशहाली और शांति आएगी।

पौष पुत्रदा एकादशी 2025: 30 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दिन राशि अनुसार विशेष भोग अर्पित करने से लक्ष्मी जी और ग्रहों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एकादशी पर राशी के हिसाब से भोग अर्पित करने से जीवन में दरिद्रता, रोग, शोक और परेशानियों को दूर किया जा सकता है। इससे ग्रहों के दोष भी समाप्त होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है। आइए जानें कि आपकी राशि के अनुसार कौन सा भोग भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए

also read: तुलसी का पौधा: स्त्री या पुरुष कौन लगाए और कब मिलेगा अधिक…

पौष पुत्रदा एकादशी पर राशि अनुसार भोग

  1. मेष राशि: इस दिन गाजर का हलवा भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  2. वृषभ राशि: पंचामृत भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए।

  3. मिथुन राशि: इस दिन मूंग दाल का हलवा या उससे बनी मिठाई अर्पित करें।

  4. कर्क राशि: मावे की बर्फी भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  5. सिंह राशि: तिल-गुड़ की बनी मिठाई अर्पित करें।

  6. कन्या राशि: धनिए की पंजीरी भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  7. तुला राशि: खीर का भोग भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  8. वृश्चिक राशि: गुड़ और चिक्की का भोग भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  9. धनु राशि: बेसन के लड्डू भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  10. मकर राशि: काले तिल के लड्डू अर्पित करें।

  11. कुंभ राशि: गुलाब जामुन का भोग भगवान विष्णु को अर्पित करें।

  12. मीन राशि: केसर की खीर भगवान विष्णु को अर्पित करें।

पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व

इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा करके समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। राशी के हिसाब से भोग अर्पित करने से न केवल ग्रहों का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और शांति आती है। यह एकादशी विशेष रूप से संतान सुख प्राप्ति के लिए महत्व रखती है। इस दिन भगवान विष्णु को जो भी भोग अर्पित किया जाता है, वह व्यक्ति की प्रेरणा, धन और परिवारिक सुख में वृद्धि करता है।

राशि अनुसार भोग अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और ग्रहों के दोष समाप्त होते हैं। इस दिन का पालन श्रद्धा भाव से करने से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है।

Related posts

फाल्गुन महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 2026: तारीख, मुहूर्त और भगवान शिव-परिवती की विशेष पूजा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा 2026: लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का अद्भुत संगम, जानें महत्व और शुभ मुहूर्त

आमलकी एकादशी 2026: आमलकी एकादशी व्रत कब रखें और जानें पूरी कथा, भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न