उत्तर प्रदेश सरकार नैमिषारण्य को वैश्विक स्तर पर विकसित करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र के लिंक मार्गों को चौड़ा करने की सूची मांगी है, जिससे श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव ने सीतापुर वाया परसदा-नैमिषारण्य मार्ग को सात मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लोक निर्माण विभाग ने 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल कर लिया है। इससे संकरे मार्ग की वजह से होने वाली ट्रैफिक जाम और बस संचालन की समस्याओं में राहत मिलेगी।
नैमिषारण्य के आसपास विकास की दिशा
प्रदेश सरकार नैमिषारण्य के आसपास के 25-30 किलोमीटर क्षेत्र को मेट्रो सिटी की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने का प्रयास कर रही है। इसमें क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और जनसुविधाएं दोनों को सशक्त किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही कल्ली-नैमिषारण्य, नेरी-वाया कल्ली सिधौली-महमूदाबाद और अन्य मार्गों को चौड़ा करने की मंजूरी दी जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय मार्गों को चौड़ा करने की पूरी सूची विधायक रामकृष्ण भार्गव से मांगी है। इस दिशा में सीतापुर वाया परसदा-नैमिषारण्य मार्ग का नापजोख कार्य पूरा हो चुका है और मार्ग को सात मीटर चौड़ा करने का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
बस संचालन में राहत
सीतापुर वाया परसदा-मछरेहटा मार्ग स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए नैमिषारण्य पहुंचने का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग पर पांच बसें चल रही हैं, जो जनपद के उत्तरी क्षेत्रों और लखीमपुर के यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करती हैं।
हालांकि, मधवापुर गांव के बाद मार्ग सिर्फ तीन मीटर चौड़ा है, जिससे कटिया, परसदा, चितरेहटापुरवा और केसरा गांवों में दूसरे वाहन आने पर जाम की स्थिति बनती है। मार्ग चौड़ा होने से बस संचालन में बाधाएं दूर होंगी और यात्री सुविधा बेहतर होगी।