माइग्रेन ट्रिगर: अगर आप माइग्रेन से परेशान हैं तो केले और एवोकाडो जैसे फलों से सावधान रहें। जानें क्यों ये फलों का सेवन माइग्रेन ट्रिगर कर सकता है और कैसे सुरक्षित मात्रा में खाया जा सकता है।
माइग्रेन ट्रिगर: माइग्रेन एक सामान्य लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो कई लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। डाइट और एनवायरनमेंटल फैक्टर्स इसको ट्रिगर कर सकते हैं। खास बात यह है कि कई लोग जिनके लिए ये समस्या रहती है, उनके लिए बेहद पौष्टिक माने जाने वाले फल जैसे केला और एवोकाडो भी माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं।
दोनों फलों में महत्वपूर्ण विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकते हैं।
क्यों केला और एवोकाडो माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं?
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केले में टायरामिन: पके हुए केले में टायरामिन की मात्रा ज्यादा होती है। टायरामिन एक प्राकृतिक अमीनो एसिड बाय-प्रोडक्ट है, जो प्रोटीन टूटने पर बनता है। यह ब्लड फ्लो और न्यूरोट्रांसमीटर पर असर डाल सकता है, जिससे माइग्रेन शुरू हो सकता है।
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एवोकाडो में फेनोलिक कंपाउंड: एवोकाडो में मौजूद हिस्टामीन और पॉलीफेनॉल संवेदनशील लोगों में सूजन और न्यूरोलॉजिकल एक्टिविटी को ट्रिगर कर सकते हैं।
केले और एवोकाडो के फायदे
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केला: पोटैशियम, विटामिन B6, मैग्नीशियम और प्राकृतिक शर्करा का अच्छा स्रोत है। यह ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है। मैग्नीशियम नसों को रिलैक्स करता है और मांसपेशियों की ऐंठन कम करता है।
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एवोकाडो: इसमें हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फाइबर, पोटैशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर हैं। यह दिल, दिमाग और ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद है।
माइग्रेन में सावधानी कैसे रखें
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पके हुए केले और एवोकाडो की मात्रा सीमित रखें।
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फूड डायरी बनाएँ और नोट करें कि कौन सा फल खाने से सिरदर्द बढ़ता है।
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थोड़ा-थोड़ा खाएं, क्योंकि थोड़ी मात्रा में ये फल अक्सर समस्या नहीं करते।