लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने, ऊर्जा बनाने और टॉक्सिन निकालने जैसे कई कार्य करता है। यदि लिवर प्रभावित होता है, तो शरीर कई तरह के शुरुआती संकेत देने लगता है। इन संकेतों को नजरअंदाज करना गंभीर समस्याओं, जैसे लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर, का कारण बन सकता है।
लिवर खराब होने के लक्षण
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थकान और कमजोरी: लगातार थकान महसूस होना।
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पाचन में दिक्कत: भोजन पचाने में समस्या या पेट में भारीपन।
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पेट या दाहिनी तरफ दर्द: लिवर प्रभावित होने पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
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त्वचा और आंखों का पीलापन: बिलीरुबिन बढ़ने से।
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भूख न लगना और वजन कम होना
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लिवर कैंसर के प्रमुख कारण
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क्रॉनिक हेपेटाइटिस B और C: लंबे समय तक लिवर में रहने वाले ये वायरस सूजन, सिरोसिस और अंततः कैंसर का कारण बन सकते हैं।
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अधिक शराब का सेवन: नियमित शराब पीने से फैटी लिवर, फाइब्रोसिस और सिरोसिस का खतरा बढ़ता है।
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अनहेल्दी खानपान: तला-भुना और जंक फूड लिवर में फैट जमा करता है, जिससे फैटी लिवर जैसी बीमारी होती है।
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सिरोसिस: लिवर में स्वस्थ टिश्यू की जगह घाव या स्कार टिश्यू बनने से अंग पूरी तरह काम नहीं करता और कैंसर का खतरा बढ़ता है।
लिवर कैंसर से बचाव के उपाय
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हेपेटाइटिस B का टीका लगवाएं: 3 डोज़ में यह 95% तक सुरक्षा प्रदान करता है।
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शराब का सेवन कम करें: लिवर सिरोसिस और कैंसर से बचाव के लिए शराब छोड़ना या कम करना जरूरी है।
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संतुलित खानपान: तला-भुना, चीनी और ज्यादा फैट वाले खाने से बचें; वजन नियंत्रित रखें।
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नियमित एक्सरसाइज: रोजाना 30 मिनट की वॉक या हल्की एक्सरसाइज से फैटी लिवर बनने से बचा जा सकता है।
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सुरक्षित चिकित्सा उपकरण: दूषित सुई या खून से हेपेटाइटिस B/C फैल सकता है।
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नियमित जांच: यदि आपको हेपेटाइटिस, फैटी लिवर या सिरोसिस है, तो हर 6–12 महीने में लिवर की जांच कराएं।