Leg Swelling: बार-बार सूजते पैर केवल थकान नहीं, यह दिल, लिवर या किडनी की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। समय पर जांच जरूरी।
Leg Swelling: अगर आपके पैरों, टखनों या पंजों में बार-बार सूजन आती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ थकान या लंबी चलने-फिरने का नतीजा नहीं हो सकता, बल्कि यह शरीर में छिपी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। पैरों में सूजन के पीछे आम कारणों में क्रॉनिक वेन इंसफिशिएंसी (Chronic Venous Insufficiency), डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis), और दिल, लिवर या किडनी की समस्या शामिल हैं। इसके अलावा, लिम्फेडेमा (Lymphedema) या सेलुलाइटिस (Cellulitis) जैसे संक्रमण भी पैरों में सूजन पैदा कर सकते हैं।
पैरों में सूजन के संकेत और कारण
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क्रॉनिक वेन इंसफिशिएंसी और वैरिकोज वेन्स
हम लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे पैरों की नसों पर दबाव बढ़ जाता है। नसों के वाल्व कमजोर होने पर खून नीचे जमा होने लगता है, जिससे पैरों में सूजन, दर्द, ऐंठन और वैरिकोज वेन्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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दिल से जुड़ी समस्याएं
दिल की बीमारी के कारण भी पैरों में बार-बार सूजन दिखाई दे सकती है। जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो खून पैरों में जमा होने लगता है। इसके साथ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं:
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सीने में दर्द
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सांस फूलना
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हार्टबीट का तेज होना
ये लक्षण हार्ट प्रॉब्लम्स का संकेत हो सकते हैं।
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डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT)
जब पैरों की गहरी नसों में खून का थक्का जम जाता है, तो इसे DVT कहते हैं। इसके लक्षण हैं:
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पैरों में सूजन
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दर्द और कोमलता
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लाल या गर्म त्वचा
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पैर भारी लगना
अगर थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह पल्मनरी एंबोलिज्म जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
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लिवर और किडनी की समस्या
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लिवर की खराबी: पेट और पैरों में पानी भरना, हाथों में लालपन, त्वचा पीली होना, फीका मल
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किडनी की खराबी: पैरों की सूजन, थकान, बार-बार पेशाब आना, ध्यान लगाने में कठिनाई