अगर आपको हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द, लगातार थकान और एनर्जी की कमी महसूस हो रही है, तो यह Vitamin D की कमी का संकेत हो सकता है। इस कमी को दूर करने का सबसे आसान और मुफ़्त तरीका है — धूप लेना।
WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के इलाकों में शहरी आबादी के 70% लोगों में गंभीर Vitamin D की कमी पाई गई, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा सिर्फ 30% है। यह कमी महिलाओं में सबसे अधिक देखी गई। स्वस्थ रहने के लिए खून में Vitamin D का स्तर कम से कम 30 नैनोग्राम होना चाहिए, जबकि शहरी लोगों में यह औसतन 7.7 और ग्रामीणों में 16.2 नैनोग्राम पाया गया।
धूप से Vitamin D कैसे बनता है
जब सूरज की किरणें त्वचा पर पड़ती हैं, तो स्किन की ऊपरी परत में मौजूद डिहाइड्रोकॉलेस्टेरॉल-7 नामक कंपाउंड Vitamin D -3 में बदल जाता है, जिसे बाद में लीवर और किडनी असली विटामिन D में बदल देते हैं।
धूप लेने में होने वाली दिक्कतें
आजकल लोग धूप के सबसे फायदेमंद समय में या तो दफ्तर में होते हैं या घर पर। बाहर निकलते भी हैं तो पूरी तरह ढके हुए कपड़े पहनते हैं, जिससे UVB किरणें त्वचा तक नहीं पहुंच पातीं। कांच की खिड़की से आने वाली धूप भी बेअसर होती है।
धूप लेने का सही तरीका
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रोजाना कम से कम 1–2 घंटे तक चेहरे, हाथ और बाहों पर सीधी धूप लगने दें।
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विटामिन D बनाने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक का है, जब UVB किरणें सबसे प्रभावी होती हैं।
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गर्मियों में तेज धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
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अगर धूप लेना संभव नहीं है, तो विटामिन D सप्लीमेंट्स लें।
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आहार में अंडा, मछली, दूध और विटामिन D से फोर्टिफाइड फूड शामिल करें।