पानी कम पीने से बन सकती है गुर्दे की पथरी। जानें किडनी स्टोन के लक्षण, कारण, और पानी पीकर इसे कैसे रोका जा सकता है।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर की सबसे जरूरी जरूरत – पानी – पीना भूल जाते हैं। कई लोग दिनभर केवल 2–3 गिलास पानी पीकर काम चला लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी की कमी आपके शरीर में गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है, जिसे गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) कहा जाता है।
किडनी स्टोन क्या है?
किडनी स्टोन एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुर्दे के अंदर ठोस कण या पत्थर बन जाते हैं। ये पत्थर रेत के दाने जितने छोटे या कभी-कभी गोल्फ बॉल जितने बड़े भी हो सकते हैं। छोटी पथरी कभी-कभी बिना किसी लक्षण के पेशाब के साथ निकल जाती है, लेकिन बड़ी पथरी मूत्र नली में फंस जाने पर भयंकर दर्द पैदा करती है।
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किडनी स्टोन के मुख्य लक्षण
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पेट, कमर या पीठ में अचानक तेज और असहनीय दर्द
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दर्द का जांघ या कमर तक फैलना
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पेशाब में जलन या दर्द
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पेशाब में खून आना
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बार-बार पेशाब आने की इच्छा
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मतली और उल्टी
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बुखार या ठंड लगना
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पेशाब का धुंधला या बदबूदार होना
कभी-कभी छोटी पथरी बिना किसी लक्षण के भी निकल जाती है।
पानी की कमी से किडनी स्टोन कैसे बनता है?
जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो निर्जलीकरण (Dehydration) हो जाता है। पानी की कमी के कारण पेशाब गाढ़ा हो जाता है। इस गाढ़े मूत्र में कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व जमा हो जाते हैं। ये तत्व आपस में मिलकर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाते हैं, जो धीरे-धीरे गुर्दे की पथरी में बदल जाते हैं।
अगर लंबे समय तक पानी की कमी बनी रहती है, तो शरीर इन क्रिस्टलों को न तो घोल पाता है और न ही बाहर निकाल पाता है, जिससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।
किडनी स्टोन से बचाव के लिए पानी कैसे मदद करता है?
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पर्याप्त पानी पीने से पेशाब पतला रहता है।
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पानी के कारण खनिज और लवण आसानी से पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं।
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क्रिस्टल बनने की संभावना कम हो जाती है।
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डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिनभर इतना पानी पीना चाहिए कि पेशाब का रंग हल्का पीला रहे।