अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार के निजी स्कूल फीस नियंत्रण फैसले का स्वागत किया। अब 5% से अधिक फीस वृद्धि पर रोक और अधिक वसूली गई फीस का अभिभावकों को रिफंड मिलेगा।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर लगाए गए अंकुश को ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने निजी स्कूलों की अनियंत्रित मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
5% से अधिक फीस वृद्धि पर रोक
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि नए प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी निजी स्कूल को सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इसमें ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, लाइब्रेरी फीस सहित सभी प्रकार की फीस शामिल होगी।
अभिभावकों को मिलेगा रिफंड
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में जिन स्कूलों ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूली है, उन्हें अतिरिक्त राशि अभिभावकों को लौटानी होगी। यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब निजी स्कूलों को सीधे रिफंड देने का आदेश दिया जा रहा है।
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दिल्ली मॉडल की तरह पंजाब में सुधार
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इससे पहले दिल्ली में भी AAP सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाई थी। अब पंजाब उसी मॉडल को अपनाकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर रहा है।
सरकारी स्कूलों और शिक्षा सुधार पर जोर
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक तरफ सरकारी स्कूलों को मजबूत कर रही है और दूसरी तरफ निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के हितों की भी रक्षा कर रही है। इससे राज्य की शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और संतुलित हो रही है।
पूरे देश के लिए उदाहरण
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब का यह कदम पूरे देश के लिए एक मिसाल है। उन्होंने अपील की कि अन्य राज्यों को भी इसी तरह के कानून लागू करने चाहिए, ताकि अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित हो।