दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी से जुड़े फर्जी वीडियो मामले में जालंधर की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। फोरेंसिक जांच में स्पष्ट रूप से यह साबित हुआ कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई थी और यह फर्जी था। अदालत ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म – फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और टेलीग्राम—को 24 घंटे के भीतर फर्जी वीडियो को हटाने का निर्देश दिया।
इस आदेश को आम आदमी पार्टी ने भाजपा की झूठ और उकसावे की राजनीति पर बड़ा झटका बताया। AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोरा ने कहा, “भाजपा के झूठ, छल और दुर्भावनापूर्ण इरादे अदालत के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। पिछले दिनों भाजपा ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और सिख धर्म के पूज्य गुरुओं के नाम जोड़कर झूठ फैलाने की कोशिश की, जो पंजाब की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली साजिश थी।”
फर्जी और छेड़छाड़ वाले वीडियो हटाने का आदेश
जालंधर अदालत ने स्पष्ट किया कि गलत सूचना और फर्जी वीडियो का प्रसार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत ने साइबर अपराध विभाग के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया कि ऐसे वीडियो मिलते ही उन्हें तुरंत हटाया जाए।
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अमन अरोरा ने कहा, “पहले भी फोरेंसिक जांच से यह साबित हो चुका है कि भाजपा और उनके सहयोगी दलों द्वारा फैलाए गए कई वीडियो फर्जी थे। इसके बावजूद भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए इन मनगढ़ंत वीडियो को लगातार फैलाया।”
भाजपा पर तीखा हमला
AAP पंजाब अध्यक्ष ने कहा, “अदालत के आदेश से यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा की राजनीति झूठ, कपट और छल पर आधारित है। अब भाजपा केवल भारतीय जनता पार्टी नहीं रही; यह ‘भारतीय झूठा दल’ बन गई है, जिसका उद्देश्य पंजाब में अपने राजनीतिक हितों के लिए झूठ फैलाना और बदनामी करना है।”
उन्होंने फर्जी वीडियो साझा करने वाले सभी लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं को भी, जिन्होंने इस फर्जी वीडियो को फैलाया, पंजाब की जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
अमन अरोरा ने अदालत के आदेश को सच्चाई और न्याय की जीत करार देते हुए कहा कि यह फैसला पंजाब में राजनीतिक झूठ और फर्जी खबरों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।